करीब 50 बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन के खिलाफ और सुबूत जुटाने के लिए सीबीआई की टीम कोशिश में लगी है। बच्चों का यौन शोषण कर उनकी अश्लील वीडियो बनाकर विदेशों में बेचने के आरोपी जेई के जेल जाने के बाद भी सीबीआई टीम खामोश नहीं बैठी है।
रविवार को तीन सदस्यीय टीम कुछ और बच्चों को लेकर सिंचाई विभाग के रसिन व गुंता बांध रेस्ट हाउस पहुंची और पूछताछ की। 14 दिसंबर को बांदा की पाक्सो कोर्ट में जेल में बंद जेई रामभवन की पेशी के पहले सीबीआई टीम का होमवर्क अभी भी जारी है। सूत्रों के अनुसार, टीम के तीन सदस्य एक गाड़ी से दो और बच्चों को लेकर सिंचाई विभाग के रसिन बांध के पास बने रेस्ट हाउस पहुंचे और यहां रहने वाले विभागीय कर्मचारियों के बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत कर बच्चों की पहचान कराने का प्रयास किया।
इसके बाद टीम जेई रामभवन के पहले कराए गए कार्य क्षेत्र गुंता बांध के डाक बंगले टीम पहुंची और विभागीय कर्मचारियों के अलावा आसपास की बस्ती के लोगों से वार्ता की। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम कुछ बच्चों को लेकर आरोपी जेई के एसडीएम कालोनी स्थित आवास भी ले गई थी, जहां बच्चों को स्थान पहचान कराने का प्रयास किया गया। वैसे तो जेई रामभवन के खिलाफ पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद सीबीआई टीम जेल भेज चुकी है।
इस मामले में अदालत से रिमांड मिलने पर चार दिन तक सीबीआई की टीम ने जेई रामभवन को तीन बार उसके घर, पुराने घर, कार्यस्थल व कुछ चिह्नित स्थान ले जाकर सुबूतों का मिलान किया था। सूत्रों के अनुसार, छह बच्चों का आमना सामना भी कराया गया था। उसके जेल जाने के बाद भी सीबीआई की टीम सबूतों को पुख्ता करने के लिए काम में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, दो और बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ लेकर टीम चिह्नित स्थल पहुुंची है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों व उनके परिजनों से बच्चों की पहचान कराने के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया।