पुखरायां। अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे पढ़ाई संग मस्ती भी कर सकेंगे। नए पाठ्क्रम में ऐसी पुस्तकें शामिल की गई है।, जिससे बच्चों को पढ़ाई की तरफ आकर्षित किया जा सकेगा। नए पाठ्यक्रम में शामिल पुस्तकों को लेकर शिक्षकों डायट में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कक्षा एक और दो के बच्चों के लिए गणित को आनंदमय बनाए जाने के लिए पाठ्य पुस्तक में बदलाव किया गया। डायट परिसर में एनसीईआरटी आधारित पुस्तक के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण में दूसरे दिन का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें पुस्तक संदर्शिका और सहायक सामग्रियों के अनुप्रयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पुखरायां में दूसरे दिन का प्रशिक्षण प्राचार्य राजू राणा के नेतृत्व में शुरू हुआ। एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 2022 की अनुशंसाओं को ध्यान में रखते हुए गणित की वर्तमान पुस्तक आनंदमय गणित को विकसित किया गया है। इसे परिषदीय विद्यालयों में इसे इसी सत्र से लागू किया जाएगा।
कहा कि यह माना जा सकता है कि बाल्यावस्था में 3 वर्ष से 6 वर्ष तक बालक बाल वाटिका में कुछ ना कुछ स्थानीय संदर्भों से ज्ञान अर्जित करता रहता है। मगर हमारे देश की विविधताओं को देखते हुए हो सकता है संख्यात्मक ज्ञान से बच्चा कक्षा एक में ही रूबरू हो पाए। एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने कहा कि इस स्तर पर बच्चे खेल और खिलौनों से अधिक आनंद लेते हैं।
नई पुस्तक में विभिन्न गणितीय विचारों जैसे स्थानिक समझ संख्यात्मक ज्ञान और गणितीय सोच को विकसित करने के लिए खेल-खेल से सीखने के बहुत से मौके दिए गए हैं। एसआरजी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि आनंदमय गणित में कक्षा के बाहर एवं कक्षा के अंदर होने वाली बहुत सी गतिविधियां दी गईं हैं। जिसके जरिए अनुभवात्मक शिक्षा लेते हुए बच्चे अपने निर्धारित अधिगम लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे। इस दौरान डायट मेंटर अरुण कुमार, विपिन कुमार, जगदंबा त्रिपाठी, एआरपी मंजुल मिश्र, अखिलेश यादव, विवेक वाजपेयी, शशांक शेखर सिंह, मनीष अरोड़ा, अनुराग वाजपेयी, कन्हैयालाल, हिमांशु गुप्ता, बृजेश कुमार सिंह, लालचंद आदि मौजूद रहे।