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उम्मीद कायम, उदासी जायज, कब लौटेंगे इंग्लैंड से बच्चे

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इंग्लैंड में पढ़ने वाले बेटों अयाज (लाल टाइ) और अमाज के साथ हाजी मोहम्मद एजाज बीच में मफलर डाले।
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विदेश में फंसे भारतीयों को लाने का सिलसिला बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। इंग्लैंड से भी फ्लाइट ने उड़ान भरी। हालांकि इंग्लैंड में फंसे जाजमऊ के पांच छात्रों की वापसी की प्रक्रिया आगे न बढ़ने पर यहां बैठे उनके परिजनों में थोड़ी उदासी है। उनका कहना है कि सरकार के एलान के बाद उम्मीद जगी है कि बच्चे ईद में घर होंगे तो त्योहार और अच्छा लगेगा। परिजनों ने बताया कि अभी तक प्रक्रिया शुरू न होने से थोड़ी मायूसी है, क्योंकि इसमें इसे पूरा होने में कई दिन लगते हैं।
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जाजमऊ निवासी टेनरी संचालक हाजी मोहम्मद एजाज के दो बेटे मोहम्मद अयाज और अमाज इंग्लैंड की नॉर्थम्प्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं। अयाज यूनिवर्सिटी में बिजनेस स्टडी इन मार्केटिंग में द्वितीय वर्ष और अमाज लेदर टेक्नोलॉजी में अंतिम वर्ष के छात्र हैं। जाजमऊ के ही जैद अशरफ, हबीब अंसारी, राफे इकबाल भी इसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। मोहम्मद एजाज ने बताया कि मार्च से ही वे बेटों को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। कन्नौज सांसद सुब्रत पाठक, आईएफएस पीयूष श्रीवास्तव पूरी प्रक्रिया अपनाने में उनकी काफी मदद कर रहे हैं। ई-मेल से भारतीय दूतावास में आवेदन करना है। बेटों और उनके दोस्तों ने भी इंग्लैंड में भारतीय दूतावास के माध्यम से दो बार आवेदन किया है। अभी तक बेटों या उसके साथियों से भारतीय दूतावास या किसी अन्य अथॉरिटी ने संपर्क नहीं किया है। वापसी से पहले कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। इसमें कई दिन लगते हैं।
बेटों के साथ ईद मनाने को पहले बुक करा लिए थे टिकट
एजाज ने बताया कि ईद में बेटे घर आते हैं। त्योहार और मई तक हालात सुधरने की उम्मीद में बेटों के लिए 13 मई के टिकट भी खरीद लिए थे। वापसी के निर्देश अभी स्पष्ट नहीं हैं। सरकार किसे वापस लेकर आएगी यह भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया ने खरीदे गए टिकट का रिफंड भी देने से मना कर दिया है। कहा है कि एक साल के अंदर यात्रा कर लें। अब ऐसे में कौन इंग्लैंड की यात्रा करेगा। पढ़ाई भी ऑनलाइन शुरू हो गई है। सरकार को इस पर भी ध्यान देना चाहिए। 13 मई से पहले बच्चों की वापसी तय हो जाती है, तभी ये टिकट काम आएंगे।
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