फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य,,, फोटो-10,11::: वायरल फीवर की चपेट में आ रहे बच्चे-बुजुर्ग व मधुमेह रोगी

Sat, 09 Nov 2024 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
- 102-103 डिग्री बुखार आने पर चलने-फिरने में होती है दिक्कत
विज्ञापन


- तेजी से घटती हैं प्लेटलेट्स, 13-15 दिनों तक बना रहता असर
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिले में वायरल फीवर ने पांव पसार लिए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, यह वायरल बच्चे-बुजुर्ग समेत मधुमेह रोगियों पर ज्यादा अटैक कर रहा है। सामान्य वायरल जहां तीन-पांच दिन में सही हो जाता है, जबकि यह वायरल 13-15 दिनों में ठीक हो रहा है।
संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1400 से 1500 तक महिला-पुरुष, बच्चे-पुरुष व बुजुर्ग पंजीकरण करवा रहे हैं। इसमें 40 फीसदी मरीज वायरल, तेज बुखार, सिर-बदन दर्द आदि के मरीज आ रहे हैं। इसमें अधिकतर मरीज बच्चे-बुजुर्ग व मधुमेह रोगी हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि पहले वायरल फीवर तीन से पांच दिन में बुखार उतर जाता था। वर्तमान में इस वायरल में 102-103 डिग्री पर बुखार आ रहा है, जो पैरासिटामोल व कॉलपोल हैवी डोज की दवाएं भी बेअसर साबित हो रही है। कुछ ही दिनों के बुखार में हाथ-पैर एकदम जकड़ जाते हैं। इससे मरीज चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है। डॉक्टर ने बताया कि इस बुखार का असर 13-15 दिनों तक रहता है। साथ ही वायरल आते ही बहुत जल्दी ही प्लेटलेट्स कम हो जाती है।
-
इसलिए घटती हैं प्लेटलेट्स
प्लेटलेट्स कम होने के कारण ल्यूकेमिया, विटामिन बी 12 या आयरन की कमी, शराब का ज्यादा सेवन, गर्भावस्था, इत्यादि हो सकता है। प्लेटलेट्स को बढ़ाने के लिए बीमार पपीता, अनार, कीवी, चुकंदर, पालक इत्यादि का सेवन कर सकते हैं।
विज्ञापन



संक्रमित लोगों से बचें
वायरल आने का मुख्य कारण संक्रमण भी है। इससे लोगों को सतर्क रहने जरूरत है। इसमें ऐसी सतहों या वस्तुओं से जिन्हें वायरस संक्रमित किसी व्यक्ति ने छुआ हो (जैसे काउंटरटॉप, दरवाजे के हैंडल या फोन) छूना से बचना चाहिए। किसी संक्रमित जानवर, मच्छर के काटने से। दूषित भोजन खाने या दूषित पानी निगलने से संक्रमण फैल सकता है।
-

इन बातों का रखें ध्यान
- कूलर व एसी का प्रयोग बिल्कुल भी करें।
- घर के आसपास व गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
- बच्चे-बुजुर्ग व रोगी सुबह-शाम घर से निकलने से बचें।
- तेज बुखार आने पर तुरंत ही जांच करवाएं।
- बदन व सिर दर्द होने पर तुरंत ही प्लेटलेट्स की जांच करवाएं।
- झोलाछाप से कतई इलाज न करवाएं।
- डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही दवा का सेवन करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें