बीस सालों से मंदिरों में औलाद के लिए मत्था टेक रहे दंपति को सोमवार सुबह सड़क पर नवजात बच्ची के रूप में बड़ी खुशी मिली। इस बच्ची को वे राजी खुशी अस्पताल ले गए और चेकअप कराने के बाद घर ले आए। बच्ची को पाकर दंपति खुश है, यह अलग बात है कि इसी बच्ची को किसी मां ने सड़क पर फेंक दिया था।
कसबे के मोहल्ला बबरअली खेड़ा स्थित स्टेट बैंक के पास सोमवार सुबह एक नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई पड़ी। मार्निंग वॉक पर निकले लोग मौके पर पहुंचे तो कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची के आसपास कुत्ते खड़े थे। लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी हनुमान प्रसाद पांडेय बच्ची को अस्पताल ले गए। इसी बीच दुबियाना मोहल्ला निवासी देवकृष्ण व उनकी पत्नी शेषपति अस्पताल पहुंची। उन्होंने पुलिस से बच्ची का लालन पालन करने की इच्छी जताई। यह भी बताया कि वे औलाद के लिए मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। इस पर पुलिस ने लिखापढ़ी करके बच्ची को शेषपति की गोद में डाल दिया। शेषपति ने बताया कि उसकी शादी को 20 साल हो गए, लेकिन औलाद नहीं हुई। बच्चे की आस में तमाम मंदिर-मस्जिदों व धार्मिक स्थलों में माथा टेका। आज भगवान ने उसकी सूनी गोद भर दी है। वह बच्ची को पढ़ा लिखा कर अफसर बनने का सपना देख रही है।