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क्या आप नहीं चाहते कि आपका बच्चा प्रतिभावान हो, ध्यान से पढ़ें मेंटल डेवलपमेंट की ये स्पेशल रिपोर्ट 

Sat, 01 Sep 2018 05:56 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार

- बच्चे के अंदर छुपी प्रतिभा सही समय पर पहचान लेना बहुत जरूरी
- ‘छोटा प्रैंकू’ के नाम से मशहूर शास्त्री नगर का सिद्धांत  
- सिद्धांत केमाता-पिता दोनों मल्टिपल इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेटर हैं
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‘छोटा प्रैंकू’ के नाम से मशहूर शास्त्री नगर का सिद्धांत
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विस्तार
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क्या आप चाहते हैं कि आपका बच्चा भी अपनी प्रतिभा से देश और दुनिया में नाम रोशन करे। अगर हां, तो यह स्टोरी आपके लिए है। कानपुर के एक चार साल के बच्चे ने अपनी प्रतिभा से आभासी दुनिया में तहलका मचा दिया है। इस बच्चे की खास बात यह है कि वह किसी भी शख्स से ऐसे बात करता है मानो उसके सामने कोई अजनबी नहीं बल्कि कोई मिलने वाला हो। वह हर विषय पर खुलकर चर्चा करता और विचार रखता है। सोशल मीडिया पर यह बच्चा छोटा प्रैंकू नाम से जाना जा रहा है। उसका वास्तविक नाम सिद्धांत मेहरोत्रा है। यू्ट्यूब पर आजकल छोटे प्रैंकू के वीडियो की ही चर्चा हो रही है। 
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सिंधी कॉलोनी, शास्त्री नगर में रहने वाले सिद्धांत के पिता कपिल मेहरोत्रा और मां सपना मेहरोत्रा  मल्टीपल इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेटर (एकाधिक बौद्धिक समन्वयक) हैं। सिद्धांत इन दिनों बंगलूरू के एक स्कूल में पढ़ रहा है। सिद्धांत के पिता कपिल मेहरोत्रा इंटरनेशनल आईबी स्कूल के द इंटरनेशनल बैकलरेट डिप्लोमा प्रोग्राम के हेड ऑफ प्राइमरी हैं। वह थाईलैंड, चीन, कोयंबटूर में बच्चों की प्रतिभा विकास और पाठ्यक्रम तैयार करने का काम करते हैं। इन दिनों वह बंगलूरू में हैं। कपिल की पत्नी सपना भी इसी क्षेत्र में काम कर रही हैं। सिद्धांत की मां सपना बच्चों की रचनात्मकता निखारने के लिए कोर्स तैयार करती हैं। दोनों का यही पेशा है। 

आठ साल तक होता है बच्चे का विकास

सिद्धांत के माता-पिता दोनों मल्टिपल इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेटर हैं
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर अध्ययन करने वाले कपिल और सपना ने बताया कि बच्चे के विकास में जन्म से आठ साल तक का समय बहुत महत्वपूर्ण है। यह आठ साल का समय बच्चे को कुछ भी बना सकता है। ऐसे वक्त में बच्चे पर ध्यान देने की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। बच्चे के सकारात्मक ढंग से ब्रेन डेवलपमेंट के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि उसे टीवी से ज्यादा से ज्यादा दूर रखें।  बच्चों से ज्यादा से ज्यादा बातचीत करनी चाहिए। उन्हें निर्जीव चीजों जैसे खिलौनों, पहाड़ों और पौधों पर कहानियां बनाने को प्रेरित करना चाहिए। इसके साथ ही साथ उनकी डाइट का बहुत ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। इसके अलावा बच्चों को खेलकूद का ध्यान रखें। छोटे बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं उन्हें अपनी संस्कृति के बारे में जरूर सिखाएं। 

अभिभावकों के लिए जरूरी बातें

बच्चे के अंदर छुपी प्रतिभा सही समय पर पहचान लेना बहुत जरूरी
- बच्चों की एक्टिविटी पर ध्यान दें
- उन्हें मोबाइल दें मगर उसके कामों पर नजर रखें
- बच्चों को कहानियां बनाने के लिए प्रेरित करें
- पढ़ाई पर ध्यान दें लेकिन उनके कॉन्फिडेंस का भी ध्यान रखें
- अजनबियों से बातचीत करने से रोकें नहीं, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है 
- समय-समय पर बच्चों से साक्षात्कार करते रहें

‘प्रैंक चाइल्ड’ सिद्धांत की प्रतिभाएं

सिद्धांत मेहरोत्रा
सिद्धांत मेहरोत्रा को स्पोर्ट्स, स्वीमिंग, स्टोरी टेलिंग बहुत पसंद है। इसके लिए उसे अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। वह म्यूजिक और डांस में भी काफी इंट्रेस्ट रखता है।
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कानपुर शहर में शुरू होंगे निशुल्क कोर्स

राजेश तनवानी
सिद्धांत के मामा राजेश तनवानी ने हाल ही में यूट्यूब पर मामा भांजे एंटरटेनमेंट के नाम से चैनल शुरू किया है। इस चैनल पर यंगेस्ट प्रैंक स्टार मास्टर ‘छोटा प्रैंकू’ सिद्धार्थ का पहला प्रैंक वीडियो अपलोड किया गया है। बहुत कम समय में इस वीडियो को ढाई हजार से ज्यादा लोगों ने देखा, लाइक और भी शेयर किया है। राजेश ने बताया कि अब वह कानपुर में आठ साल तक के बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए अभियान शुरू करने वाले हैं। इसमें विशेष बच्चों को अलग जगह दी जाएगी। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए निशुल्क कोर्स चलाए जाएंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर उनके टैलेंट के वीडियो लांच किए जाएंगे। 
 
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