शुक्रवार शाम करीब सात बजे कोठरी में आग लग गई। ग्राम प्रधान नन्हकी देवी के पति ओमलाल की सूचना पर दमकल पहुंची और करीब एक घंटे में आग बुझाई। इसके लोग भीतर पहुंचे तो वहां एक करीब दस वर्षीय बच्चे का जला शव मिला। जानकारी पर हसनगंज कोतवाली एएसआई अभिमन्यु फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने दयालपुर सहित आसपास के गांवों में जानकारी कराई लेकिन कहीं भी बच्चा लापता होने की सूचना नहीं मिली। शव काफी जला होने से ये भी पता नहीं चला कि शव लड़के का है या लड़की का। पुलिस ने विपुल से तहरीर लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कोतवाली प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि घटना संयोग नहीं लग रही है। हो सकता है किसी ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया हो। जांच की जा रही है कि कोठरी का दरवाजा बंद था तो बच्चा भीतर कैसे पहुंचा। किसी ने कुंडी खोलकर बच्चे को भीतर फेंकने के बाद आग लगाई है। बच्चा कहीं से आया या फिर उसे यहां लाकर हत्या करने के बाद राज छिपाने के लिए कोठरी में फेंक कर आग लगाई गई।