मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याणपुर ब्लॉक के परगही बांगर गांव का निरीक्षण सात मिनट में पूरा कर लिया। इस दौरान अफसरों ने उन्हें सबकुछ ठीकठाक बताया तो उनकी तारीफ की। ग्राम पंचायत निगरानी समिति के अलावा एक आशा संगिनी से भी बात की। दूसरी तरफ सीएम के आने से पहले घरों के अंदर कैद किए गए ग्रामीणों की उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याओं से रूबरू कराने की ख्वाहिश धरी रह गई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का शाम 4:50 से 5:25 बजे तक गांव भ्रमण होना था। कयास लगाए जा रहे थे कि वे गांव पहुंचकर जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्रामीणों से बात करेंगे। सीएम का काफिला शाम 5:35 बजे गांव स्थित प्राइमरी स्कूल पहुंचा।
अधिकारियों ने ग्राम पंचायत निगरानी समिति के साथ मुख्यमंत्री की बैठक का इंतजाम इसी स्कूल में किया था। यहां सीएम ने महज सात मिनट में समिति से गांव का हाल जाना। गांव में कोरोना से एक भी मौत न होने, सारी मूलभूत सुविधाओं के होने की जानकारी पर उन्होंने सभी को बधाई दी और समय की बाध्यता बताकर लौट गए।
आशा संगिनी से पूछा सर्वे का तरीका
सीएम ने आशा संगिनी सुषमा कुशवाहा से गांव में सर्वे का तरीका पूछा तो उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर ग्रामीणों से बात करती हैं। किसी की तबीयत खराब होने पर उसकी कोरोना जांच कराई जाती है। टेस्ट में पॉजिटिव आने पर उन्हें क्वारंटीन कर दवाएं दी जाती हैं। उन्होंने बताया गांव में कुल 47 संभावित कोरोना संक्रमित थे, जो अब ठीक हो चुके हैं। एक संक्रमित 12 मई को मिला था। वह भी अब स्वस्थ है। इसके बाद सीएम ने लक्षित परिवार, बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों और घरों में सर्वे के रजिस्टर को भी देखकर संतोष जताया।