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कानपुर: गांव में सरकार और जनता घरों के अंदर, मुख्यमंत्री से मिलकर समस्याएं बताने की ग्रामीणों की हसरत रह गईं अधूरी

Sun, 23 May 2021 01:01 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर दौरे के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परगही बांगर पहुंचे थे। यहां सीएम ने महज सात मिनट में समिति से गांव का हाल जाना। मुख्यमंत्री से मिलकर समस्याएं बताने की ग्रामीणों की हसरत अधूरी रह गईं।
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परगही बांगर गांव पहुंचे मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याणपुर ब्लॉक के परगही बांगर गांव का निरीक्षण सात मिनट में पूरा कर लिया। इस दौरान अफसरों ने उन्हें सबकुछ ठीकठाक बताया तो उनकी तारीफ की। ग्राम पंचायत निगरानी समिति के अलावा एक आशा संगिनी से भी बात की। दूसरी तरफ सीएम के आने से पहले घरों के अंदर कैद किए गए ग्रामीणों की उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याओं से रूबरू कराने की ख्वाहिश धरी रह गई।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का शाम 4:50 से 5:25 बजे तक गांव भ्रमण होना था। कयास लगाए जा रहे थे कि वे गांव पहुंचकर जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्रामीणों से बात करेंगे। सीएम का काफिला शाम 5:35 बजे गांव स्थित प्राइमरी स्कूल पहुंचा।

अधिकारियों ने ग्राम पंचायत निगरानी समिति के साथ मुख्यमंत्री की बैठक का इंतजाम इसी स्कूल में किया था। यहां सीएम ने महज सात मिनट में समिति से गांव का हाल जाना। गांव में कोरोना से एक भी मौत न होने, सारी मूलभूत सुविधाओं के होने की जानकारी पर उन्होंने सभी को बधाई दी और समय की बाध्यता बताकर लौट गए।
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आशा संगिनी से पूछा सर्वे का तरीका
सीएम ने आशा संगिनी सुषमा कुशवाहा से गांव में सर्वे का तरीका पूछा तो उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर ग्रामीणों से बात करती हैं। किसी की तबीयत खराब होने पर उसकी कोरोना जांच कराई जाती है। टेस्ट में पॉजिटिव आने पर उन्हें क्वारंटीन कर दवाएं दी जाती हैं। उन्होंने बताया गांव में कुल 47 संभावित कोरोना संक्रमित थे, जो अब ठीक हो चुके हैं। एक संक्रमित 12 मई को मिला था। वह भी अब स्वस्थ है। इसके बाद सीएम ने लक्षित परिवार, बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों और घरों में सर्वे के रजिस्टर को भी देखकर संतोष जताया।
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काफिला निकलते ही ली राहत की सांस  
सीएम का काफिला गांव से बाहर जाते ही प्राइमरी स्कूल के अंदर मौजूद निगरानी समिति के सदस्यों और ब्लॉक के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। सभी के चेहरों पर मुस्कान नजर आई। डीपीआरओ ने बताया कि सीएम ने उनसे कोरोना को लेकर लक्ष्य पूछा था। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनका लक्ष्य कोरोना को गांव के आसपास भी नहीं फटकने देने का है। इस पर सीएम ने उन्हें शाबाशी दी। अपनी खुशी का इजहार करते हुए डीपीआरओ फूले नहीं समा रहे थे।

छतों से देखते रह गए ग्रामीण
सीएम के पहुंचने से पहले बाहर खड़े ग्रामीणों को पुलिस ने घरों के अंदर ही रहने की हिदायत दे दी थी। इसके बाद लोग घरों की छतों पर खड़े होकर नजारा देखते रहे। अधिकांश लोग अपने घरों से मोबाइल पर वीडियो बनाते और फोटो खींचते नजर आए।

हमसे बात करते तो खोलते पोल
मुख्यमंत्री से किसी को मिलने नहीं दिया गया। वह खुद भी सिर्फ अपने मातहतों से बात करके लौट गए। मुख्यमंत्री अगर ग्रामीणों से पूछताछ करते तो सभी की पोल खुलती। उन्हें बताते कि उनके आने की सूचना पर गांव की सड़क  बनी, साफ-सफाई की गई और दिन में भी बिजली मिली। पास स्थित मजरे में कोरोना से दो-तीन मौतें भी हुईं। इसके बाद भी सबकुछ ठीक बता दिया गया। - विमल सिंह

सीएम के बहाने टीका तो लगा
मुख्यमंत्री के इस दौरे का क्या उद्देश्य था, समझ में नहीं आया। हमें लगा कि सीएम सीधे हमसे रूबरू होंगे। गांव के हालात जानेंगे। कोरोना टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराना था, लेकिन उनके आने से एक दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में आकर बिना पंजीयन ही 50 से अधिक लोगों को वैक्सीन लगा दी। ऐसे ही पहले भी करते तो आज पूरे गांव का वैक्सीनेशन हो चुका होता।- अमित सिंह
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