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Kanpur News: नहाय-खाय के साथ कल से शुरू होगा छठ पर्व, 28 को होगा समापन

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कानपुर। सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा 25 से 28 अक्तूबर तक श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। चार दिन तक चलने वाला पर्व नहाय-खाय से शुरू होगा और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समापन होगा। यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया को समर्पित है। मान्यता है कि छठी मैया की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है।
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पंडित अनुभव त्रिवेदी के अनुसार छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। व्रती महिलाएं प्रातः काल पवित्र नदी या तालाब में स्नान कर सात्विक भोजन बनाती हैं। कद्दू-भात, चने की दाल और अरवा चावल इस दिन का मुख्य प्रसाद होता है। छठ पूजा का दूसरा दिन खरना कहलाता है। इस दिन व्रती महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। सूर्यास्त के समय गुड़ और चावल की खीर और पूड़ी का प्रसाद ग्रहण करने बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू करती हैं।

तीसरा दिन छठ पूजा का मुख्य होता है। व्रती महिलाएं संध्या के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं। ठेकुआ, फल, गन्ना, नारियल और पारंपरिक प्रसाद चढ़ाया जाता है। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा सूर्य देव की पत्नी प्रत्यूषा के सम्मान में निभाई जाती है। पंडित अनुभव त्रिवेदी ने बताया कि अंतिम दिन व्रती महिलाएं प्रातः काल घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं। इसे ऊषा अर्घ्य कहा जाता है जो सूर्य देव की पत्नी ऊषा को समर्पित होता है। अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करती हैं।
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कुरुक्षेत्र। मनोरोग डिस्पेंसरी में दवा लेने के लिए लाइनों में लगे मरीज। संवाद- फोटो : संवाद

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