चेन्नई में हुई मूसलाधार बारिश और अब बाढ़ से यूपी में जूता उत्पादन कारोबार प्रभावित हुआ है। हालात में जल्द सुधार न हुआ तो चमड़े की कमी से आगरा और कानपुर के कई छोटे उत्पादकों का काम ठप हो जाएगा।
इससे कामगारों की रोजी रोटी पर भी संकट पैदा हो सकता है। कई फैक्ट्रियों का माल चेन्नई के रास्तों में फंसा हुआ है। फिलहाल पुराने स्टॉक से ही जूतों का उत्पादन हो रहा है।
उत्तर प्रदेश लेदर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष ताज आलम ने बताया कि चेन्नई में सबसे ज्यादा बकरी और भेड़ की खाल से चमड़ा तैयार किया जाता है। जूते, बैग और बेल्ट आदि बनाने में इसी का ज्यादा इस्तेमाल होता है।
यूपी की शू मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कुल चमड़े का करीब 60 फीसदी चमड़ा चेन्नई से खरीदा जाता है जबकि 40 फीसदी चमड़ा, कानपुर, कोलकाता या फिर जालंधर से मंगाया जाता है। काउंसिल फार लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) कानपुर और आगरा के ऑफिसों से मिले आंकड़ों के मुताबिक यूपी में 600 से ज्यादा जूता उत्पादक इकाइयां हैं।
इसमें आगरा और कानपुर अग्रणी हैं। अकेले आगरा में ही छोटे बड़े करीब 300 एक्सपोर्टर व मैन्युफैक्चरर्स हैं जबकि कानपुर में ये करीब 120 हैं। सीएलई कानपुर में सेंट्रल रीजन के 88 एक्सपोर्टर और शू मैन्यूफैक्चरर्स रजिस्टर्ड हैं।
कई ऐेसी भी इकाइयां हैं, जो खुद चमड़े का आयात न कर ट्रेडरों से खरीदती हैं और जूते बनाती हैं। ऐसी कई फर्में सीएलई में रजिस्टर्ड नहीं हैं। इसी तरह से आगरा सीएलई में करीब 250 शू मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयां रजिस्टर्ड
हैं। आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट राजेश सहगल ने बताया कि बारिश के कारण वहां की टेनरियों में काम ठप है और सप्लाई रुकी हुई है। हर उत्पादक जरूरत के मुताबिक माल मंगवाता है और स्टाक रखता है। यही हाल यूपी की शू इंडस्ट्री का भी है।
कुछ मैन्यूफैक्चरर्स के पास स्टॉक ज्यादा है तो कुछ के पास बिलकुल नहीं। लंबे समय तक सप्लाई बाधित होगी तो उसका असर कारोबार पर पड़ना स्वाभाविक है।
दो ट्रेनें निरस्त, एक का रूट बदला
कानपुर। तमिलनाडु में भारी बारिश की वजह से पूर्वोत्तर रेलवे ने कानपुर की ओर से आने-जाने वाली दो ट्रेनें निरस्त कर दी हैं और एक ट्रेन का रूट बदला है। गोरखपुर से त्रिवेंद्रम के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 12511 राप्ती सागर एक्सप्रेस को चार दिसंबर को रद कर दिया गया है। यह गाड़ी शुक्रवार को कानपुर सेंट्रल नहीं आएगी।
लखनऊ से चेन्नई सेंट्रल के बीच चलने वाली 16094 लखनऊ मद्रास एक्सप्रेस को गुरुवार को रद्द कर दिया गया। यह ट्रेन लखनऊ से चलकर शाम 5:55 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचती है। इसके अलावा त्रिवेंद्रम से कानपुर की ओर आने वाली गाड़ी संख्या 12512 राप्ती सागर एक्सप्रेस डाउन के रूट में परिवर्तन किया गया है।
यह ट्रेन रेनीगुंट्टा-गुडुर जंक्शन के रास्ते कानपुर सेंट्रल में शुक्रवार को सुबह 8:15 बजे आएगी। ये जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ संजय यादव ने दी।
455 लोगों ने रद कराए टिकट
तमिलनाडु जाने वाले शहर के सैकड़ों यात्रियों ने अपनी यात्रा रद कर दी है। रेल आरक्षण केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 10 दिसंबर तक के बीच 455 यात्रियों ने अपने टिकट कैंसिल कराए हैं। उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि कई यात्री अपनी यात्रा रद करा रहे हैं।
बाढ़ में फंसे लोगों के लिए दुआ
तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से हुई तबाही की चपेट में आए लोगों की मदद के लिए तहारत मंच ने गुरुवार को दादामियां खानकाह के नायब सज्जादानशीन की सरपरस्ती में दुआ कराई।
मंच के अध्यक्ष डॉ. मुस्तफा तारिक ने बताया कि संकट की घड़ी में हम वहां के लोगों के साथ हैं। मंच के सचिव हाजी अरशद सिद्दीकी, इरफान अंसारी, तौहीद आलम बरकाती, मोहम्मद जावेद, शाहिद अजीज, उस्मान कुरैशी आदि मौजूद रहे।
कानपुर। चेन्नई में फंसे कानपुर और इसके आसपास रहने वाले छात्रों का मामला पीएमओ आफिस पहुंच गया है। इस मामले में स्थानीय सांसद मुरली मनोहर जोशी ने भी गृहमंत्री राजनाथ सिंह से गुरुवार को वार्ता की। बताया कि चार दिसंबर को सभी छात्रों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।
पीएमओ पहुंचा चेन्नई में फंसे छात्रों का मामला
बाढ़ में फंसे इन छात्रों की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने इसकी सूचना फैक्स से सांसद जोशी और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी। अध्यक्ष मैथानी ने बताया कि सांसद जोशी ने फोन के जरिए बाढ़ में फंसे छात्रों के परिवार वालों को आश्वस्त किया है, कि बच्चों को वहां से जल्द ही सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।
जैसे बादल फट गया हो
मुझे साढ़े सात बजे की फ्लाइट से दिल्ली आना था। हम अपने सहयोगी संजीव गेरानी के साथ तीन बजे ही एयरपोर्ट के लिए निकल पड़े। सवा सात बजते ही एनाउंस हुआ कि तेज बारिश के चलते सभी फ्लाइट सुबह तक के लिए रद्द कर दी गई हैं। साढ़े सात बजे जोर की आवाज हुई, लगा कि बादल फटा गया। ,हमने देखा कि रनवे पर पेड़ बहकर आ रहे थे .. जैसा सूरजभान जायसवाल वाइस प्रेसीडेंट ट्राइडेंट निवासी कानपुर ने फोन से बताया।