फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र की शाह चौकी पुलिस ने चुनाव में नकली शराब तैयार करने को लाए केमिकल ओपी (ओवरप्रूफ के मिकल) की खेप पकड़ी है। भारी तादाद में मिले केमिकल से करीब आठ हजार लीटर शराब तैयार की जा सकती है। इसकी अनुमानित कीमत 30 लाख होगी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बांदा जिले का शराब माफिया मौके से फरार हो गया है। पिकप से बरामद ट्रांसपोर्ट के बिल्टी कागजात केमिकल गाजियाबाद से मऊ ले जाने के मिले हैं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है।
पुलिस लाइन में एसपी बलिकरन सिंह यादव ने बताया कि गाजीपुर एसओ सुभाष कुमार यादव व शाह चौकी इंचार्ज अर्जुन सिंह चकसकरन तिराहे शनिवार रात शराब के मिकल लाए जाने की खबर पर पहुंचे थे। अयाह गांव के जगत पाल की बाग में चुनाव में उपभोग के लिए नकली शराब तैयार किए जाने की सूचना पर दबिश दी। मौके से बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के परास गांव निवासी पुनीत पांडेय और मूल निवासी गाजीपुर थाना क्षेत्र के लौगांव हाल पता पीएसी गेट नंबर चार राधानगर निवासी रमाशंकर पांडेय उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया। वहीं बांदा जिला बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहार निवासी अजय तिवारी और उसके दो छोटे भाई व पिकप चालक फरार हो गए। पिकप में लदे 10 ड्रमों से 22 सौ लीटर ओपी केमिकल बरामद हुआ।
एसपी का दावा है कि के मिकल से आठ हजार लीटर नकली शराब होती जिसकी कीमत 30 लाख होगी। इसका दुरुपयोग चुनाव में मतदाताओं को बांटकर हो सकता था। पिकप से बीस लीटर तैयार शराब, 189 खाली शीशियां, 97 ढक्कन, 30 पौवा तैयार शराब बरामद हुई। पुलिस की सूचना पर आबकारी टीम पहुुंची। टीम ने शराब की तीव्रता 93.2 मापी है। आमतौर पर देशी शराब 42 डिग्री की बेची जाती है। तीव्रता कम करने के लिए कारोबारी पानी में कुछ मात्रा केमिकल ओपी, रंग आदि मिलाते हैं और अपमिश्रित शराब तैयार करते हैं। पिकप से मिले कागजातों में गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद कटोरी मिल कृष्ण केमिकल फैक्ट्री से केमिकल को रेक्सीफाइड स्प्रिट के रूप में लिखापढ़ी कर रामबगहा जिला मऊ को भेजा गया है। एसपी ने बताया कि फैक्ट्री की भी जांच की जाएगी। ऐसी शराब जहरीली होने का भी दावा किया है। खेप मंगाने वालों का भी सुराग लगाया जा रहा है।