कानपुर। जीआईसी चुन्नीगंज में चल रहे पुस्तक मेले में तीसरे दिन साहित्य और संस्कृति का मेल देखने को मिला। लोगों ने नई और चर्चित पुस्तकों की खरीदारी की।
राजकमल प्रकाशन समूह के स्टॉल पर चार्ली चैप्लिन की आत्मकथा, सीमा कपूर की यूं गुजरी अब तलक, जावेद अख्तर की सीपिया, गुलजार के 500 गीतों का संग्रह और अनूप मणि त्रिपाठी की सांपों की सभा ने पाठकों को आकर्षित किया।
यहां युवाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध किया। दिव्यांश पब्लिकेशंस के स्टॉल पर ओशो की गीता दर्शन, हिंद युग्म के स्टॉल पर विनोद कुमार शुक्ल की दीवार में एक खिड़की रहती थी और केवल जड़ें हैं, मानव कौल की संयम व दिव्य प्रकाश दुबे की लोकप्रिय पुस्तकों में पाठकों ने रुचि दिखाई।
इसके अलावा अखिल भारतीय मेधा विकास परिषद लखनऊ एवं कल्याणी साहित्य संस्थान बाराबंकी ने डॉ. राधेश्याम मिश्रा, डॉ. शोभा सिंह, संदीप अनुरागी, डॉ. कमल सोमवंशी को साहित्य गौरव सम्मान दिया।
डॉ. उदय प्रताप सिंह को चिकित्सा गौरव और पदमकांत शर्मा, डॉ. वीना उदय को कल्याणी साहित्य गौरव सम्मान मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कवि डॉ. सुरेश अवस्थी एवं राकेश कुमार मेहता मौजूद रहे।
50 से अधिक रचनाकारों ने सजाया काव्य मंच
काव्य वीथिका, कानपुर साहित्य सिंधु विकासिका एवं हिंदी साहित्य अकादमी की ओर से शाम को कवि सम्मेलन हुआ। इसमें शहर समेत अन्य जिलों से शामिल हुईं डॉ. मधु प्रधान, डॉ. शशि शुक्ल, लता गोयल, सुनीता तिवारी, दीपांजलि दुबे समेत करीब 50 रचनाकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी।