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नॉनवेज बिरयानी प्रकरण में चरखारी विधायक ने जताई नाराजगी, 18 गांवों के पीड़ितों को सीएम से मिलवाएंगे

Tue, 10 Sep 2019 11:57 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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महोबा के सालट गांव में में उर्स के दौरान एक समुदाय को नॉनवेज बिरयानी खिलाने का मामला आयोजकों की गले की फांस बन गया है। चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत अब वन विभाग की भूमि पर मजार के नाम पर किए गए अवैध अतिक्रमण को गिराने की जिद पर अड़ गए हैं।
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इससे जिले के अफसरों की नींद उड़ गई है। उधर वन विभाग की ढुलमुल नीति के चलते गत 6 सितंबर को मजार की बाउंड्री गिराने के संबंध में जारी आदेश तीन दिन बाद तामील हो सका। वहीं, पुलिस ने 43 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। 

 
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मजार की बाउंड्री गिराने के आदेश के तीन दिन बाद कराई जा सकी नोटिस तामील

विधायक आयोजकों समेत नॉनवेज बिरयानी खिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए अड़े हैं। विधायक बृजभूषण राजपूत ने वन विभाग के अफसरों से कहा है कि अगर मजार नहीं गिराई गई तो वे खुद बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे।

साथ ही 13 सितंबर को मुख्यमंत्री चित्रकूट आ रहे हैं। वहां 13 गांवों के पीड़ितों को उनके सामने पेश किया जाएगा। इस मामले को दबाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी। विधायक ने कहा कि धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई गई है। विधायक का कहना है कि यह षड्यंत्र कैसे रचा गया, इसका खुलासा होना जरूरी है जिससे दोबारा ऐसी गलती न हो।

गुनहगार जेल जाएंगे और निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा। इसमें प्रशासन लीपापोती कर रहा है। गौरतलब है कि प्रभागीय वनाधिकारी रामजी राय ने छह सितंबर को सालट गांव में वन विभाग की भूमि पर बनी मजार और बाउंड्री का निरीक्षण किया था। इसके बाद वन क्षेत्राधिकारी चरखारी ने बाउंड्री गिराने का आदेश जारी कर दिया था लेकिन तीन दिन बाद विभाग के कर्मचारी आयोजक कल्लू को नोटिस तामील करा सके।  
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