इसमें आरोप लगाया कि बार एसोसिएशन में अधिवक्ता निधि में जमा हुए लाखों रुपये का गबन करना, कचहरी में बम के धमाके कर जानलेवा हमला करना व अकारण न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ हड़ताल कर लोगों को परेशान किया गया। पुलिस ने इस मामले में संजीव पारिया को 13 नवंबर 2023 को जेल भेज दिया था। उसके बाद शिव प्रताप सिंह उर्फ चीनू को जेल भेजा था।
अन्य 12 के खिलाफ की जा रही है विवेचना
शिव प्रताप उर्फ चीनू हाईकोर्ट से जमानत पर हैं। मुकदमे की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर फतेहगढ़ हरिश्याम सिंह ने शुक्रवार को संजीव पारिया, अनुपम दुबे, शिव प्रताप उर्फ चीनू के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। इसमें शहर कोतवाली के मोहल्ला खतराना निवासी वकील दीपक द्विवेदी को वांछित दिखाकर गिरफ्तारी करना शेष बताया है। अन्य 12 के खिलाफ विवेचना की जा रही है।
इन धाराओं में की गई चार्जशीट दाखिल
विवेचक इंस्पेक्टर हरिश्याम सिंह ने धारा 147, 409, 420, 332, 307, 506, 419, 120बी, 342 आईपीसी में चार्जशीट दाखिल की है। इसमें धोखाधड़ी गबन व जानलेवा हमला करने की धारा गंभीर है।
15 वकीलों ने मुकदमे में दी गवाही
वादी राजीव कुमार बाजपेई, वकील प्रहलाद सिंह, वकील कन्हैयालाल, पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार सक्सेना, वकील देवेंद्र मिश्रा, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर, एल्डर्स कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्रवण कुमार चतुर्वेदी, वकील सूर्य प्रताप सिंह, वकील विनय सिंह सोमवंशी, वकील रविंद्र पाल सिंह चौहान, वकील पवन मिश्रा, वकील शहजाद अली, वकील अरविंद कुमार, सुनील दिवाकर ने मुकदमे में शपथ पत्र देकर गवाही दी।