जयकांत बाजपेई और उसके तीनों भाइयों के खिलाफ गैंगस्टर के मामले में पुलिस ने गुरुवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। जय बिकरू कांड में भी आरोपी है। वो जेल में बंद है। अन्य तीनों भाई जमानत पर बाहर हैं। सरकार चारों भाइयों की करोड़ों की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है।
बिकरू कांड के बाद चार जुलाई की सुबह तीन लग्जरी कारें लावारिस हालत में विजय नगर चौराहे के पास मिली थीं। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ था कि ये गाड़ियां विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की हैं। कुछ दिन बाद पुलिस ने जय बाजपेई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप तय किया था कि जय ने विकास को रुपये और असलहा-कारतूस सप्लाई किया था। बाद में अपनी गाड़ियों से बदमाशों को भगाने का प्रयास किया था। जिसमें नाकाम रहा था। यहीं से जय और उसके भाइयों के खिलाफ पुलिस ने मोर्चा खोला था।
नजीराबाद थाने में जय के साथ उसके भाइयों अजय, रजय और शोभित के खिलाफ गैंगस्टर का मामला दर्ज कर इन सभी को जेल भेजा था। बाद में जय को छोड़कर बाकी तीनों आरोपी जमानत पर छूट गए थे। एसीपी नजीराबाद संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की गैंगस्टर एक्ट के तहत करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई। जिसमें उसके वाहन और मकान शामिल हैं। चारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। जांच में आरोपों के परिपेक्ष्य में पुख्ता साक्ष्य पाए गए हैं।