इसमें आरोप लगाया गया है कि इरफान को गिरफ्तारी से बचाने के लिए नूरी ने अपने एकाउंट से अशरफ अली के नाम से हवाई जहाज का टिकट निकाला। अशरफ के नाम से इरफान का फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया। नूरी ने अपने ड्राइवर के साथ मिलकर इरफान को दिल्ली एयरपोर्ट तक छोड़ा फिर इरफान खुद को अशरफ बताकर एयरपोर्ट में प्रवेश पा गया।
एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी धोखा दिया गया था
11 नवंबर 2022 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक का सफर इंडिगो की फ्लाइट से किया। अनवर व अख्तर ने स्कूटी व प्राइवेट टैक्सी से इरफान को भागने में मदद की। दिल्ली व मुंबई एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज में इरफान दिखाई दे रहे थे। एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी धोखा दिया गया था।
इरफान समेत सभी सात लोगों के खिलाफ आरोप तय
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि रिजवान व अली को छोड़कर बाकी सात लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मंगलवार को कोर्ट ने इरफान समेत सभी सात लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। महराजगंज जेल में बंद इरफान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से पेशी हुई, जबकि जमानत पर जेल से छूट चुके बाकी छह आरोपी कोर्ट में मौजूद थे।
ये धाराएं लगीं, हो सकती उम्रकैद तक की सजा
धारा 212, 419, 420, 467, 468, 471 व 120 बी। धोखाधड़ी, कूटरचना, षड्यंत्र व अपराध करके भागने वाले को शरण देने के मामले में आरोप तय किए गए हैं। इसमें दोषी पाए जाने पर कोर्ट अलग-अलग अपराध के हिसाब से तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।