तीनों की विभागीय जांच भी पूरी
शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाले दरोगा सचिन कुमार मोरल, कांस्टेबल अनूज तिवारी, शादीशुदा होते हुए दूसरी शादी करने वाले कांस्टेबल रवींद्र कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच बैठा दी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार तीनों की विभागीय जांच भी पूरी हो गई है। जांच अधिकारी जल्द ही अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारी को सौंपेंगे। तीनों के खिलाफ दीर्घदंड से दंडित किया गया है। ऐसे स्थिति में या तो आरोपियों मूलवेतन पर पदावनत किया जा सकता है या बर्खास्त।
चार्जशीट से पन्ने गायब करने में फंसे पुलिस कर्मी
दहेज हत्या के मामले में चार्जशीट से पन्ने गायब करने के मामले मेें बिधनू थाने में तैनात हेड कांस्टेबल हरविंदर यादव व डाक मोहर्रिर एसआइ मथुरा प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया गया है। वहीं इनकी विभागीय जांच भी अंतिम पड़ाव पर है। ऐसे में दोनों पुलिसकर्मियों के सर्विस बुक में बैडइंट्री की संस्तुति की गई है।
इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी चल रही जांच
आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में एसआई सतेंद्र यादव, मारपीट कर धमकी में एसआई वीरेश यादव, वीडी सिंह, पंकज मिश्रा, कांस्टेबल सौरभ भदौरिया, अभिषेक कुमार, कांस्टेबल रेनू प्रजापति, धर्मेंद्र सिंह, अपहरण कर पांच लाख की फिरौती मांगने में पंकज मिश्रा व कांस्टेबल गौरव यादव, धोखाधड़ी में कांस्टसेबल सुमित कुमार समेत 20 पुलिस कर्मी शामिल हैं।
एसीपी मोहसिन की जांच अंतिम दौर में
आईआईटी की पीएचडी छात्रा को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में फंसे एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ चल रही विभागीय जांच अंतिम दौर में है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि साक्ष्यों को संकलित किया जा चुका है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट जल्द ही जमा की जा सकती है। इसके बाद अपील में मोहसिन को एक बार सुनवाई का मौका दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर उनकी बर्खास्तगी तक हो सकती है।
विभिन्न आरोपों में लिप्त 25 पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। अधिकतर मामलों की विभागीय जांच अंतिम पड़ाव पर है। जल्द ही आरोपों के आधार पर दोषी पुलिस कर्मियों को दंडित किया जाएगा। -विपिन मिश्रा, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम/मुख्यालय