राजपुर। बदलते मौसम के कारण बच्चों में कोल्ड डायरिया, उल्टी, दस्त, खांसी और सर्दी-जुकाम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 100 से 150 मरीजों की ओपीडी हो रही है। जिनमें 25 से अधिक मरीज कोल्ड डायरिया से पीड़ित मिल रहे हैं।
शुक्रवार को पीएचसी में खासबरा की नगमा अपनी पांच वर्षीय बेटी शिफा और सात वर्षीय बेटी मुस्कान का इलाज कराने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि दोनों बेटियां सोते समय सीने में जकड़न और खांसी से परेशान हैं और पूरी रात खासकर बीत रही है। राजपुर के दीनदयाल नगर की यशोदा और मिथलेश भी अपने बीमार बच्चों को लेकर आईं। उन्होंने बताया कि मौजूदा मौसम में बच्चों को खांसी के साथ जुकाम और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो रही हैं।
डॉक्टर अनूप द्विवेदी ने बीमार बच्चों का परीक्षण करते हुए बताया कि समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी में भी बदल सकती है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को सुबह-शाम सर्दी से बचाएं और गर्म कपड़े पहनाएं। बताया कि सुबह शाम ठंड हो रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद हवा ठंडी रहती है इसलिए बच्चों के प्रति लापरवाही न बरतें। ठंड में कोल्ड डायरिया के मामलों में बच्चे बार-बार पतले दस्त, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
खांसी, जुकाम और बुखार भी आम समस्या बन गई है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर इलाज न किया जाए तो बच्चों में डिहाइड्रेशन और कमजोरी की स्थिति गंभीर हो सकती है। पीएचसी के चिकित्सक सलिल सचान के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में बच्चों से संबंधित मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है खासकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक देखा जा रहा है। अभिभावकों को बदलते मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।