अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि पर लगेगा ग्रहण
ऐसे में शाम 4:13 से पहले ही खीर बनाएं और उसमें कुश या तुलसी दल डालकर रख दें। अगले दिन स्नान व पूजन कर इसे खाएं। ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी के अनुसार चंद्रग्रहण अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि पर लगेगा। अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि वालों को यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
नौ घंटे पहले शुरू हो जाएगा सूतक काल
साथ ही, शांति का उपाय करना चाहिए। वहीं, ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले शुरू हो जाएगा। हिंदू धर्म में आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए।
खाने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते जरूर डालें
इसके अलावा खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने का विशेष प्रयोजन होता है। इस बार चंद्रग्रहण के चलते सूतक शुरू होने से पहले पूजा-पाठ कर लें। ग्रहण और सूतक काल के दौरान न तो खाना बनाया जाता है और न ही खाया जाता है। ग्रहण के दौरान खाने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते जरूर डालें।
चंद्रग्रहण के दौरान न करें यह कार्य
चंद्रग्रहण के समय भोजन, सिलाई बुनाई का काम, पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। इस दौरान घर में बैठकर भगवान के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।