ग्रहण भरणी नक्षत्र और मेष राशि में पड़ेगा
ज्योतिष गणना के मुताबिक साल का यह चंद्र ग्रहण मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लगेगा। मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल होते हैं और इस दिन ये तीसरे भाव में वक्री अवस्था में रहेंगे। इसके अलावा चंद्रमा राहु के साथ मौजूद होंगे और सूर्य केतु, शुक्र और बुध के साथ स्थित होंगे। देवगुरु बृहस्पति अपनी स्वयं की राशि मीन और शनिदेव भी अपनी स्वयं की राशि मकर में विराजमान रहेंगे।
ग्रहण का असर पांच राशियों पर ज्यादा
ग्रहण का असर पांच राशियों पर सबसे ज्यादा होगा। इन राशि के जातकों को संभलकर रहने की सलाह दी गई है। पंडितों के अनुसार वृष, मिथुन, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों को सेहत, आर्थिक और कारोबार के क्षेत्र में नुकसान झेलना पड़ सकता है।
सूतक में इन बातों का रखें ध्यान....
- सूतक समय को आमतौर पर अशुभ मुहूर्त समय माना जाता है। इसे ऐसा समय कहा जा सकता है, जिसमें शुभ कार्य करने वर्जित होते है। सूतक ग्रहण समाप्ति के बाद धर्म स्थलों को फिर से पवित्र किया जाता है।
- सूतक के समय भोजन नहीं करना चाहिए। जल का भी सेवन नहीं करना चाहिए।