चकरनगर। भाजपा की ब्लॉक प्रमुख राधा देवी की कुर्सी फंस गई है। बुधवार को 34 बीडीसी ने डीएम से मिलकर अविश्वास पत्र दिया। 44 में से 34 बीडीसी ने प्रस्ताव देकर ब्लाक प्रमुख को हटाने की मांग की है।
ब्लाॅक प्रमुख पर मनमानी और विकास कार्य न कराए जाने का आरोप लगाकर बुधवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य अविश्वास प्रस्ताव रख दिया। तीन दिन से प्रमुख का विरोध भीतर ही भीतर चल रहा था। बुधवार दोपहर करीब 34 बीडीसी कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम से मुलाकात करके अविश्वास पत्र दिया। इस पर बीडीसी सीमा देवी, जितेंद्र सिंह, गुड्डी देवी, सोनी, ज्योति, मुन्नी देवी, फूलमती, प्रमोद कुमार, देवेंद्र कुमार, सरन सिंह, अमोल सिंह, चंद्रशेखर, प्रेम शंकर, कैलाश, शिवप्रताप, लाल सिंह, प्रवेश कुमार, सतेंद्र सिंह, रामस्वरूप, योगेंद्र सिंह, कविता, प्रमिला देवी, विमला, मिलन देवी, भूपेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, संगीता, सुनीता, गीता देवी, रामकुमार समेत 34 बीडीसी ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
10 जुलाई 2021 को सपा की प्रत्याशी सुनीता देवी ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा समर्पित प्रत्याशी राधा देवी को हराकर जीत दर्ज की थी। सपा प्रत्याशी सुनीता यादव को 44 में 35 मत मिले थे। भाजपा प्रत्याशी राधा देवी को पांच मत मिले थे। चार मत निरस्त कर दिए गए थे।
26 अप्रैल को एसडीएम चकरनगर मलखान सिंह की ओर से सात ओवरलोड मौरंग के ट्रक सीज किए गए थे। इसके बाद सुनीता देवी के पति ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शिव किशोर पर एसडीएम मलखान सिंह को धमकाने का आरोप लगा था। शिव किशोर यादव के खिलाफ धमकाने, यूपी व एमपी में अवैध खनन समेत कई गंभीर मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद शिव किशोर और उनके छोटे भाई बृज किशोर यादव को गैंगस्टर में निरुद्ध कर जेल भेजा गया था। सपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख सुनीता देवी खिलाफ 10 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव आना था, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उपचुनाव में सुनीता यादव की जगह सपा से प्रमिला यादव को टिकट मिला जबकि भाजपा से राधा देवी फिर से चुनाव लड़ीं थीं। राधा देवी को 23 मत मिले थे, जबकि सपा समर्थित प्रमिला यादव को 17 वोट मिले थे।