सेंट्रल स्टेशन पर मंगलवार को भागमभाग की स्थिति रही। ओएचई (ओवर हेड इक्विपमेंट) वायर से झुलसकर दो बंदरों की मौत के बाद बंदरों ने स्टेशन पर जमकर उत्पात मचाया। छह यात्रियों को काटा भी इससे अफरातफरी की स्थिति रही।
चार ट्रेनों के प्लेटफार्म बदलने से यात्री दौड़ते भागते नजर आए। इसके अलावा एक यात्री टीटीई की चेकिंग से बचने के लिए ट्रैक पर ही दौड़ पड़ा।
मेमू ट्रेन मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची। इसी बीच ट्रेन की एक बोगी की छत पर बंदरों का झुंड चढ़ गया। बंदरों में झगड़ा हुआ तो उछल कूद में तीन बंदर ओएचई वायर की चपेट में आ गए। इससे दो बंदरों की करंट से मौत हो गई। एक बंदर झुलसकर ट्रैक पर गिर गया।
कुछ यात्री घायल बंदर को देखने लगे तो बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। फफूंद निवासी रामसजीवन, रूरा के आशीष और भर्थना की शशि समेत छह यात्रियों को काट लिया। इसी दौरान ओखा से गोरखपुर जा रही ओखा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार पर आई।
घायल बंदर को ट्रैक पर देख ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी। इसके बाद लोगों ने बंदर को ट्रैक से हटाया। करीब पांच मिनट बाद ट्रेन आगे बढ़ी।
आधे घंटे में बदले चार ट्रेनों के प्लेटफार्म, भागे यात्री
पटना से दिल्ली जाने वाली मगध एक्सप्रेस को दोपहर में प्लेटफार्म नंबर चार पर आना था। ट्रेन आने के करीब 10 मिनट पहले रेलवे की तरफ से घोषणा हुई कि यह ट्रेन अब प्लेटफार्म नंबर सात पर आएगी। यह सुनती ही यात्री अपना सामान समेटकर सात नंबर प्लेटफार्म की ओर भाग पड़े। इससे स्टेशन पर आपाधापी की स्थिति रही।
सीढ़ियों से गिरा यात्री, सिर फटा
सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की सीढ़ियों से गिरकर प्रतापगढ़ के राकेश सोनकर का सिर फट गया। राकेश ने बताया कि वह मंगलवार सुबह प्रतापगढ़ से कानपुर आया था।
सीढ़ियों से एक नंबर प्लेट फार्म की ओर जा रहे थे। सीढ़ियों पर बैठे यात्रियों से हटने को कहा तो वह झगड़े पर उतारू हो गए। इस दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गिर गए।
चालान से बचने को ट्रैक पर भागा
दोपहर करीब तीन बजे कानपुर से इटावा जाने वाली इंटर सिटी सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 10 पर खड़ी थी। ट्रेन में यात्री बैठे थे कि टीटीई पवन कुमार टीम के साथ चेकिंग करने पहुंच गए।
एक युवक से टिकट दिखाने को कहा तो वह इधर उधर देखने लगा। टीटीई के जुर्माना मांगने और सख्ती करने पर युवक धक्का देकर ट्रेन से कूदा और भागने लगा। टीटीई ने साथियों के साथ उसे दौड़ा लिया।
एक सिपाही ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वह प्लेटफार्म नंबर एक के रेलवे ट्रैक पर कूदकर भागने लगा। गनीमत रही कि कोई ट्रेन नहीं आई। इस दौरान उसका मोबाइल फोन ट्रैक पर गिर गया, जिसे टीटीई ने सीआईटी दफ्तर में जमा कर दिया।