देश के 270 कॉलेजों के अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं पर केंद्र सरकार की नजर है। बड़े पैमाने पर आ रही शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की जांच के आदेश दे दिए हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार ने डीएम को जांच के लिए पत्र भेजा है। 12 बिंदुओं पर जांच करनी है। खास बात यह है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र की जांच होनी है। इसमें यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज समेत सभी सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों को शामिल किया गया है।
अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार छात्रवृत्ति देती है। कई कॉलेज हजारों रुपये की इस छात्रवृत्ति को हड़पने के लिए फर्जी नामों से एडमिशन ले लेते हैं और बाद में छात्र को कॉलेज से चले जानी की जानकारी देते हैं। पिछले कुछ सालों में शिकायतें बढ़ती ही जा रही हैं। कानपुर के नौ कॉलेजों को शासन ब्लैक लिस्टेड भी कर चुका है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर भेजे गए पत्र में 12 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। इसमें संस्थान की स्थिति, छात्र का आधार नंबर, उपस्थिति, छात्र की परफॉर्मेंस आदि के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई है।