31 सितंबर तक चलने वाली इस गणना में जनगणना अधिकारी आपसे कुछ इस तरह के सवाल पूछ सकते हैं। बिल्डिंग नंबर, मकान नंबर। घर के फर्श, दीवार और छत की सामग्री और घर की स्थिति। घर में रहने वाले लोगों की संख्या और मुखिया का नाम। घर में रहने वाले लोगों की जाति। घर के मालिकाना हक के बारे में जानकारी। घर में कमरों की संख्या। घर में शादीशुदा लोगों के बारे में जानकारी।
बिजली और पीने के पानी के बारे में जानकारी। शौचालय और शौचालय का प्रकार। रसोईघर और एलपीजी और पीएनजी गैस कनेक्शन की स्थिति। रेडियो, टीवी, इंटरनेट और मोबाइल के संबंध में जानकारी। वाहन होने पर उसके संबंध में जानकारी। घर में मुख्य तौर पर प्रयोग होने वाले अनाजों के बारे में जानकारी। इस बार सरकार जनगणना के दौरान भविष्य में इस संबंध में आपसे संपर्क करने के लिए परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर भी रजिस्टर कराएगी।
आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जनगणना से संबधित जानकारियां सरकार के साथ साझा की जाएंगी। इनसेट 16 लाख के करीब है जिले की आबादी इटावा। जिले में जनगणना में करीब 3889 कर्मचारी लगेंगे। इनमें तहसील, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं बेसिक और माध्यमिक विभागों के शिक्षक कर्मचारी होगे। हर 800 की आबादी पर एक प्रगणक होगा। जिले की आबादी लगभग 16 लाख है।
इसके अलावा हर छह प्रगणक पर एक सुपरवाइजर तैनात होगा। जनगणना का फार्म भरते समय एक अंडरटेकिंग भी देनी होगी जिसमें साफ तौर पर कहा जाएगा कि जो भी जानकारी दी जा रही है वह पूरी तरह से सही है। अपर जिला अधिकारी ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि भवन गणना का काम 16 मई से 30 जून तक होगा। जुलाई में जनगणना का काम शुरू होगा। प्रगणकों की सूची तैयार करा दी गई है। जनगणना का काम निर्धारित समय से कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।