कानपुर। घाटमपुर परियोजना कार्यालय के गोदाम में पोषाहार वितरण में गड़बड़ी पर सीडीपीओ कुमुदनी और भंडार सहायक अंकित पांडेय को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। उनके स्थान पर कानपुर देहात से स्थानांतरित होकर आईं सीडीपीओ प्रतिभा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने 22 अगस्त को घाटमपुर ब्लाॅक स्थित पोषाहार गोदाम का निरीक्षण किया था। यहां उन्हें बच्चों के लिए निर्धारित पोषाहार कम मिला, स्टॉक रजिस्टर का हिसाब-किताब मेल नहीं खाया, राशन वितरण पंजिका तक नहीं बनाई गई थी। बड़े पैमाने पर अनदेखी और मनमानी मिलने पर राज्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे जिसके बाद डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने डीएसओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी और सहायक शिक्षा अधिकारी की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।
कमेटी की रिपोर्ट में गोदाम में राशन में कमी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और प्रबंधन में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीती सिन्हा ने शुक्रवार को दोनों अधिकारियों को दोषी मानते हुए निलंबन आदेश जारी किया।
अभिलेख छीनकर भागने वाली कार्यकर्ता की फाइल दबाकर बैठे अफसर
राज्यमंत्री की जांच के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने तीन सीडीपीओ को लगाकर ब्लाॅक की सभी ग्राम पंचायतों में पोषाहार वितरण की जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला था कि सजेती चतुर्थ की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राखी देवी ने खुद को गर्भवती बताकर पोषाहार लिया। इसके साथ 22 महिलाओं को कागज पर ही पोषाहार वितरित कर दिया था। जांच के दौरान पोल खुली तो कार्यकर्ता जांच टीम पर भड़क गई और सभी अभिलेख छीनकर भाग गई। जाते-जाते टीम को फंसाने की धमकी भी दे गई थी। सभी सीडीपीओ ने जांच करने से इन्कार कर दिया था। इसकी जांच के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की गई थी जिसकी जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी।
कमेटी ने रिपोर्ट में गोदाम में राशन की कमी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी व अन्य खामियों की रिपोर्ट दी थी। उसी आधार पर सीडीपीओ और भंडार सहायक को निलंबित कर दिया गया है। कार्यकर्ता की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जल्द पूरी कराकर कार्रवाई करेंगे। - प्रीती सिन्हा, जिला कार्यक्रम अधिकारी