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CBSE 10th Results: मेधावियों पर बरसे अंक, डीपीएस आजाद नगर की अविका को मिले 99.8 फीसदी

Wed, 15 Apr 2026 11:05 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

CBSE 10th Results: 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई के 10वीं के पहले बोर्ड की परीक्षा दी थी।
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माता-पिता के साथ अविका अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को कक्षा 10वीं के पहले बोर्ड का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। मेधावियों के अंक अंग्रेजी और सर्वश्रेष्ठ चार विषयों के अंकों के आधार पर जारी किए हैं। डीपीएस आजादनगर की छात्रा अविका अग्रवाल ने 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। स्कोमिया एकेडमी के छात्र अनुज को 99.4 फीसदी अंक मिले हैं। सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर, कमलानगर की अवनि मिश्रा ने 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। डीपीएस कल्याणपुर की छात्रा चारू चौहान ने 99 प्रतिशत और गार्डेनिया पब्लिक स्कूल के छात्र अनमोल ने भी 99 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता दर्ज की।
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इस बार सीबीएसई ने दो बार बोर्ड परीक्षा का विकल्प छात्रों को दिया है। इस बार जारी परिणाम के अंकों से नाखुश छात्रों को एक बार फिर मई में दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। सेकंड बोर्ड के जारी परिणाम के बाद ही छात्रों के सर्वाधिक लेकर बोर्ड का फाइनल परिणाम जारी किया जाएगा। इस वर्ष लगभग 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। लखनऊ रीजन के अंतर्गत कानपुर जिले का ओवरऑल परिणाम 92 प्रतिशत से अधिक रहा जो पिछले वर्षों की तुलना में संतोषजनक माना जा रहा है।
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परिणाम जारी होते ही ठप हुआ सर्वर
सीबीएसई की ओर से अचानक परिणाम घोषित किए जाने के बाद विद्यार्थी, स्कूल में शिक्षक परिणाम डाउनलोड करने में जुट गए। सर्वर पर लोड बढ़ने से वह ठप पड़ गया। इससे परिणाम डाउनलोड करने में शिक्षकों और विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ा।

मिठाई खिलाई, सेल्फी ली
10वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद स्कूलों में उत्सव सा माहौल रहा। देर शाम परिणाम जारी होने पर छात्र दोबारा स्कूल पहुंचे। कुछ चेहरे पर मुस्कान तो कुछ चेहरे बुझे रहे। हालांकि शिक्षक उनको दूसरे बोर्ड के बारे में भी याद दिलाते रहे। मेधावी अभिभावकों के साथ पहुंचे और मुंह मीठा कराया।

16 घंटे की पढ़ाई, अनुज को मिले 99.4 फीसदी अंक
15 से 16 घंटे तक रोजाना पढ़ाई, सोशल मीडिया से दूरी और लक्ष्य पर फोकस कर स्कोमिया एकेडमी के छात्र अनुज यादव ने 99.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। अनुज को गणित, हिंदी व एसएसटी में 100-100 अंक मिले। आवास विकास हंसपुरम निवासी अनुज कहते हैं कि मैंने अपनी पढ़ाई के दौरान राजनीति और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाई। बोले, जब आप अपनी तैयारी करते हैं तो सबसे अधिक जरूरी है एकाग्रता। अगर रोजाना दिनचर्या तैयार कर पढ़ाई करेंगे, तो हर विषय में आपकी पकड़ मजबूत हो जाएगी। 10वीं में प्रवेश के साथ ही मेरे माता-पिता ने कहा था, ये सफलता की पहली सीढ़ी है। जिसमें तुम्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। अनुज ने कहा, माता-पिता की कही ये बात मेरे दिल-दिमाग में बैठ गई। इसके बाद बिना तनाव और दबाव मैंने अपनी तैयारी की। मेरी तैयारी में मेरी बड़ी बहन का भी बहुत अधिक मार्गदर्शन मिला। अनुज के पिता मान सिंह यादव बिजनेस करते हैं, जबकि माता शीनू यादव गृहणी हैं। अनुज बोले 12वीं की पढ़ाई के साथ ही मैं जेईई एडवांस की परीक्षा भी दूंगा। मेरा सपना है, कि मैं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाऊं। इसके लिए आईआईटी से ही पढ़ना है।

पुराने पेपर को जरूर करें सॉल्व
99.2 फीसदी अंक लाने वाली सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर की छात्रा अवनि मिश्रा का कहना है कि बोर्ड की तैयारी कर रहे छात्र पुराने पेपर को जरूर सॉल्व करें। पुराने वर्षों के पेपरों से काफी सवाल आते हैं। इसके अलावा हैंडराइटिंग पर विशेष ध्यान दें। पढ़ाई का हौव्वा न बनाएं। कहती हैं कि मैंने फिल्में भी देखी, परिवार के कार्यक्रमों में हिस्सा भी लिया। गिटार, किताबें पढ़ने की शौकीन अवनि अब एक मिस्ट्री नॉवेल लिख रही हैं। पिता अभिषेक मिश्रा आईटी प्रोफेशनल और मां प्रियंका मिश्रा ग्लोबली हिंदी सिखाती हैं। लाजपतनगर निवासी अवनि के भी हिंदी में 98 अंक हैं। गणित में शतप्रतिशत अंक मिले हैं। वह सेकेंड बोर्ड तो नहीं देंगी लेकिन कॉपी रीचेकिंग में देंगी। उनका कहना है कि एक-दो अंक बढ़ने की उम्मीद है।
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ऑनलाइन नहीं, किताबों से करें पढ़ाई
98.8 फीसदी अंक पाने वाली पारज अरोड़ा कहती हैं कि पढ़ाई के लिए ऑनलाइन के बजाय किताबों को आधार बनाकर पढ़ें। वह कहती हैं कि मैंने भी ऑनलाइन के बजाय किताबों, नोट्स बनाकर पढ़ाई की। कौशलपुरी की रहने वाली पारज के पिता संदीप अरोड़ा बिजनेसमैन और मां मीनाक्षी अरोड़ा गृहिणी हैं। अपने परिणाम से खुश सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर की छात्रा पारज कहती हैं कि दोबारा एग्जाम देने की जरूरत नहीं है। बोर्ड की डबल एग्जाम की पॉलिसी ठीक है। कई छात्रों को अपने अंक सम्मानजनक तरह से सुधारने का मौका मिलेगा। पारज के साइंस और एआई में शतप्रतिशत अंक हैं। वह इंजीनियर बनना चाहती हैं।
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