- रिश्वत देकर रक्षा प्रतिष्ठानों में टेंडर लेने का मामला
- डिफेंस कॉलोनी के घर से जुटाए साक्ष्य की पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। रिश्वत देकर रक्षा प्रतिष्ठानों में टेंडर लेने के मामले में सीबीआई की टीम ने शनिवार को जाजमऊ और रेलबाजार क्षेत्र में दबिश दी। यहां के तीन घरों और एक निजी कार्यालय में जाकर साक्ष्य जुटाए। कुछ लोगों से पूछताछ की। डिफेंस कॉलोनी स्थित घर से दस्तावेज ले गई।
सीबीआई को रक्षा प्रतिष्ठानों में विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति के लिए रिश्वत देकर टेंडर लेने की जानकारी हुई थी। 18 मई को नई दिल्ली स्थित सीबीआई थाने में कोलकाता के कर्नल, कानपुर के ईस्टर्न ग्लोबल फर्म संचालक अक्षत अग्रवाल, उनके पिता मयंक अग्रवाल, स्टाफ आशुतोष शुक्ला, दिल्ली के नरेश पाल व अज्ञात पर एफआईआर हुई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सीबीआई ने कर्नल और शहर के कारोबारी पिता पुत्र को हिरासत में लिया था। उनके मोबाइल की जांच में कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के कई उद्यमियों व कारोबारियों के बीच अहम सुराग मिले थे। सीबीआई की टीम मार्च, अप्रैल और मई के बीच कुछ लोगों के बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। यह लेनदेन हवाला कारोबार से जुड़ी होने की आशंका है। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि टेंडर से पहले फर्म संचालक और कर्नल के बीच संपर्क होता था। दिल्ली के चांदनी चौक में 50 लाख अक्षत अग्रवाल के सहयोगी आशुतोष शुक्ला ने दिल्ली के नरेश पाल को दिए थे। यह रुपये कहां से आए आगे कहां गए, इसकी जांच चल रही है। शनिवार शाम करीब छह बजे सीबीआई इंस्पेक्टर टीम के साथ जाजमऊ और रेलबाजार क्षेत्र में गए। डिफेंस कॉलोनी के घर से साक्ष्य लिए। घरवालों से पूछताछ की।