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खनन कारोबारियों के ठिकानों पर सीबीआई का छापा, बंद अलमारी और लॉकर बना चुनौती

Sat, 05 Jan 2019 10:20 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
2012 के खनन घोटाले के मामले में शनिवार सुबह सीबीआई की टीम ने बुंदेलखंड के उरई (जालौन) जिले में खनन से जुड़े दो कारोबारियों के घरों पर छापेमारी की। सीबीआई की छापेमारी से शहर में हड़कंप मच गया। टीम ने दोनों खनन कारोबारियों के शहर में बने आलीशान मकानों में छापामारी की। सीबीआई टीम कोतवाली पुलिस को लेकर मकानों तक पहुंची, लेकिन किसी भी स्थानीय अधिकारी और पुलिस को अंदर नहीं जाने दिया। टीम ने घरों में अंदर से ताला डालकर जांच शुरू की।
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
मौरंग खनन घोटाले के मामले में शनिवार सुबह सीबीआई की टीम के करीब 15-20 सदस्य कोतवाली पहुंचे। यहां से टीम दो ग्रुपों में बंटी और फिर कार्रवाई शुरू की। एक टीम शहीद भगत सिंह चौराहे पर स्थित खदान संचालक रहे करन सिंह राजपूत के आवास पर पहुंची। घर के अंदर जाते ही टीम ने अंदर से ताला लगा लिया और जांच शुरू कर दी। दूसरी टीम शहर के पाठकपुरा स्थित खदान संचालक एवं बसपा नेता रामऔतार राजपूत के घर पर पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस को बाहर करते हुए रामऔतार के घर के भीतर दाखिल हुई और अंदर गेट पर ताला डालकर जांच शुरू की दी।
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
जांच के दौरान दोनों मकानों में किसी भी व्यक्ति के आने जाने की इजाजत नहीं थी। छापेमारी से दोनों ही मोहल्लों में दहशत का माहौल रहा। आस पड़ोस के लोग छापेमारी की वजह से अपने घरों में भी ताला बंद कर छत पर चले गए। दोनों घरों के बाहर मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। सुबह करीब साढ़े सात बजे से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
 

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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
जिले में शनिवार सुबह हुई अचानक हुई सीबीआई की छापेमारी से जहां शहर में अलग अलग चर्चाएं रहीं वहीं दोनों घरों के लोग नींद से पूरी तरह जाग भी नहीं पाए थे कि उनके घरों के दरवाजे पर सीबीआई ने दस्तक दी। कोई कुछ समझ पाता तब तक टीम ने घरों में प्रवेश कर गई। पहली टीम करन राजपूत के घर पहुंची और दरवाजा खटखटाया तो अंदर से नींद में जागते हुए उनका भतीजा गोलू (17) बाहर आया और टीम को देख चाची तारा को आवाज लगाई।
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
ऐसी ही स्थिति रामऔतार के घर देखने को मिली जहां घर को लोगों ने समझा कि कोई पड़ोसी आया है लेकिन जब मेन गेट खोला तो सामने सीबीआई खड़ी थी। दोनों घरों में कोई कुछ समझ पाते तब तक टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। घर पर रामऔतार की पत्नी कुंवर देवी और बेटा चंद्रभान दो तीन बच्चों के साथ मौजूद रहे। इलाकाई लोगों की मानें तो रामऔतार पिछले कुछ समय से दिल्ली में रह रहे हैं, वहीं करन राजपूत टीम के पहुंचने से कुछ देर पहले ही घर से निकल गए थे। 


 
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
उरई में जिन कारोबारियों के घरों पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की है वह पिछले कई वर्षों से मौरंग के कारोबार में जुड़े रहे हैं। यह पहली बार है कि शहर में सीबीआई की टीम ने दो कारोबारियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। साल 2012 में हमीरपुर और जालौन में अनियमित खदानों के संचालन के मामले में जांच के दायरे में आए दोनों कारोबारियों ने 1995 से 2005 के बीच पेटी कांट्रेक्टर के तौर पर मौरंग कारोबार की शुरूआत की। इसके बाद दोनों ने राजनीतिक दबाव और ऊंची पहुंच के चलते कई घाटों के पट्टे हासिल किए और जल्द ही मौरंग कारोबार में अपने पैर जमा लिए।
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
साल 2001 से लेकर 2015 तक जिले के आधे से अधिक घाट इन्हीं दोनों के पास रहे। इसके साथ ही हमीरपुर और कानपुर में भी दोनों ने कारोबार को बढ़ाया। कुछ घाटों में तो दोनों ने एक साथ मिलकर खदान का संचालन किया। वर्ष 2012 में जहां रामऔतार के पास हमीरपुर की रिरूआ, बरदर खदान थीं वहीं जिले में भी कई खदानों में उनकी हिस्सेदारी थी। अभी भी कई बड़ी कंपनियों में पेटी कांट्रेक्टर और हिस्सेदारी में मौरंग का कारोबार कर रहे है। सूत्रों की मानें तो वर्तमान में जिले के साथ-साथ हमीरपुर और कानपुर के कई घाटों में मौरंग का कारोबार कर रहे है। वहीं करन सिंह राजपूत के पास साल 2012 में चिकासी, भेड़ी घाट के साथ अन्य कई घाटों में हिस्सेदारी भी थी। फिलहाल करन राजपूत शासन की कामधेनु योजना की डेरी का संचालन अपने गांव बम्हौरी कला से कर रहे हैं।  

 

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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
करन राजपूत की बड़ी बेटी की शादी हाल ही में भाजपा नेत्री के करीबी रिश्तेदार के साथ हुई थी। करन राजपूत की राजनीतिक हैसियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शादी में कई विधायक और मंत्री के साथ भाजपा संगठन के भी कई बड़े नेताओं ने भी शिरकत की थी। शादी इतनी शाही अंदाज में थी, जिसकी चर्चा कई दिनों तक शहर में बनी रही, लेकिन जब सीबीआई का छापा पड़ा तो कोई भाजपा नेता मकान के आसपास भी नहीं दिखा।  

सीबीआई की छापेमारी के चलते जिन खनन कारोबारियों के यहां छापेमारी की गई, उनके घर के बाहर रहने वाले लोगों में दहशत सी रही। करन सिंह राजपूत के पड़ोसी बताते हैं कि वे घर से निकलने ही वाले थे कि एक महिला समेत करीब आठ लोग उन्हें दिखे। इतने लोग देखकर उन्होंने समझा कि बिजली वालों ने छापा मारा है। उन्होंने पूछा क्या आप बिजली वाले हैं तो सीबीआई वालों ने कहा कि नहीं। इसके बाद सीबीआई टीम करन सिंह राजपूत के घर में दाखिल हो गई। 

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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
करन के घर पहुंची टीम के सामने सबसे पहले चुनौती अलमारी और बंद लॉकर के तालों की आई। घरवालों ने चाबी न होने की बात कही तो टीम ने भी तत्काल ही ताले वाले को बुलाने की व्यवस्था शुरू कर दी। पुलिस घंटाघर चौराहे पर पहुंची और वहां से साजिद नाम के मिस्त्री को लेकर मकान में दाखिल हुई। मिस्त्री घर से कुछ सामान लेने के लिए बाहर निकला और कुछ औजार लेकर वापस मकान में दाखिल हो गया। करन सिंह राजपूत के यहां एक पालतू कुत्ता है। वह भी बंद गेट के अंदर ही लेटा रहा। घर के लोग बीच बीच में आकर कुत्ते को खाना देते नजर आए। मेन गेट पर इससे अधिक और कोई हलचल नहीं थी। 

 
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
सीबीआई टीम के लिए पुलिस ने खाने का भी इंतजाम किया। पुलिस कर्मी एक पैकेट में खाना लेकर करन सिंह राजपूत के घर पहुंचे। तभी एक आदमी बाहर आया और खाने का पैकेट लेकर अंदर दाखिल हो गया। इसके बाद फिर सन्नाटा सा छा गया।

 
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