बैंक घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी उदय देसाई से सीबीआई अफसरों की घूसखोरी का मामला सामने आने के बाद सीबीआई की नई गठित टीम को आशंका है कि कहीं इस मामले के 69 अन्य आरोपियों से भी तो रिश्वत नहीं ली गई।
इसी आशंका के चलते सीबीआई की नई टीम नए सिरे से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। बीते दिनों इसी प्रकरण में शहर आई सीबीआई की नई टीम ने कई अन्य ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि सीबीआई की पुरानी टीम ने इन दस्तावेजों की अनदेखी की।
उदय देसाई और उनके सहयोगियों को राहत देने के मकसद से कई महत्वपूूर्ण सबूत नहीं जुटाए जिससे मामला कोर्ट में स्टैंड न कर सके और जमानत लेने में भी आसानी हो। उदय देसाई ने इस मामले में राहत देने के लिए सीबीआई अफसरों 25 लाख रुपये रिश्वत देने की पेशकश की थी।
इसमें से 10 लाख रुपये का भुगतान कर भी दिया गया था। यदि इतनी ही रकम मामले के अन्य आरोपियों से भी ली गई होगी तो यह रिश्वतखोरी कांड 15 से 20 करोड़ रुपये के आसपास ठहरता है। सीबीआई की नई टीम के सामने यह सवाल भी है कि कहीं पुरानी टीम ने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट तो नहीं कर दिए।