फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर में पटरी काटने की साजिश, सीबीआई ने इकट्ठा किए सबूत

Sat, 14 Jan 2017 08:42 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
कानपुर में रेल पटरी काटने की सीबीआई जांच शुरू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कानपुर में रेल पटरी काटकर हादसों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। मंधना स्टेशन के पास 31 दिसंबर की देर रात कानपुर-फर्रूखाबाद रेलमार्ग पर पैंड्रॉल क्लिप खोलकर और पटरी काटकर ट्रेन पलटाने की साजिश रची गई थी। शुक्रवार को घटना की जांच करने लखनऊ से आई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने शुरुआती जांच के बाद इससे इंकार नहीं किया है। टीम में शामिल अफसरों की जांच का केंद्र बिंदु स्लीपिंग माड्यूल के जरिए ट्रेन पलटाने की साजिश के इर्द-गिर्द घूम रहा है। केंद्र सरकार के निर्देश पर जांच करने आई टीम अपनी रिपोर्ट दिल्ली भेजेगी। 
विज्ञापन
 
Trending Videos

स्टेशन मास्टर से पूछताछ

कानपुर में पटरी काटने की सीबीआई जांच शुरू - फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब 12:10 बजे पांच सदस्यीय सीबीआई टीम मंधना रेलवे स्टेशन से कल्याणपुर की ओर दो किलोमीटर दूरी पर स्थित घटनास्थल खंभा नंबर 16/1 पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे ट्रैकमैन संजीव कुमार, रामराज, सीनियर सेक्शन इंजीनियर जहीर खान और मंधना स्टेशन मास्टर दर्शन सिंह से वारदात की पड़ताल की। टीम ने घटना के सीन को रीक्रिएट कराया। आसपास के गांवों, स्कूल-कॉलेज, यहां रहने वालों, पटरी तक पहुंचने के रास्तों, उस दिन के मौसम, पैंड्रॉल क्लिप, जॉगल फिश प्लेट (दो पटरियों को जोड़ने के लिए लगाई गई क्लिप) आदि की डिटेल जुटाई। आरपीएफ और स्थानीय बिठूर थाने के जांच अधिकारियों के बयान दर्ज किए। आरपीएफ और बिठूर थाने में दर्ज एफआईआर की कॉपी भी ली। टीम ने बगदौधी बांगर गांव के ग्राम प्रधान से भी पूछताछ की। सीबीआई टीम की पड़ताल एक घंटा 45 मिनट तक चली। 1 बजकर 55 मिनट पर टीम वापस लखनऊ लौट गई।

इन सवालों पर रहा फोकस

कानपुर में रेल पटरी काटने की सीबीआई जांच शुरू
- हथौड़े या पत्थर से पैंड्रॉल क्लिप निकालने के दौरान होती है आवाज। दोनों ट्रैकमैनों ने किसी तरह की आवाज सुनाई देने से से किया इंकार। ट्रैक मैनों और आसपास किसी को क्यों नहीं सुनाई दी कोई आवाज।
- दो चार से व्यक्तियों ने दिया घटना को अंजाम। ट्रैक मैनों को आते देखकर भागे लोगों को किसी ने क्यों नहीं देखा, जबकि उस दिन नए वर्ष की धूमधाम थी। झाड़ियों से उनके भागने पर क्रसिंग (झाड़ियों के टूटने से बना रास्ता) निशानों की पड़ताल क्यों नहीं हुई।
- जॉगल फिश प्लेट को खोलने के लिए विशेष रूप से बनाया गया रिंच साजिशकर्ताओं को कहां से मिला हो सकता है।
- पटरी काटने के लिए ज्वाइंट के बगल की जगह चुनी गई। यानी घटना को अंजाम देने वालों को मालूम था कि यहां से पटरी जल्दी कटेगी। थोड़ी पटरी और कट जाती तो ठंड के कारण यह चिटक जाती और बड़ा हादसा होता।
- इससे पहले और इसके बाद कौन सी ट्रेन गुजारी गई। स्थानीय पुलिस को एक पैंसेजर गुजारने के बाद सूचना दी गई। इससे पहले यहां कब कोई घटना हुई।
- कितने पैंड्रॉल क्लिप खोले गए। ट्रैक मैन से फोनकर पहले 21 पैंड्रॉल क्लिप खोले जाने की जानकारी दी। बाद में इनकी संख्या करीब 50 बताई। ट्रैक मैन के फोन की रिकार्डिंग सीबीआई ने मांगी है।

आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की जुदा राय

कानपुर में रेल पटरी काटने की सीबीआई जांच शुरू
सीबीआई टीम ने जब आरपीएफ से उनकी जांच का निष्कर्ष पूछा तो उन्होंने कहा कि इसमें किसी ग्रुप का हाथ है। यह ग्रुप रेलवे से किसी नाराजगी के कारण लगातार ऐसी घटना कर रहा है। वहीं, स्थानीय पुलिस के मुताबिक यह किसी एक व्यक्ति द्वारा किया गया काम है। जो ट्रैकमैन को आता देखकर भाग गया। जांच अधिकारियों ने टीम को बताया कि मौके से उन्हें एक पानी की बोतल और एक आरी में लगाकर काटने वाला ब्लेड मिला। इस ब्लेड के बारे में आसपास की हार्डवेयर दुकानों से जानकारी ली गई तो पता चला कि यह किसी दुकान में नहीं बिकता।

अब बदलेगी जांच की दिशा

कानपुर में पटरी काटने की सीबीआई जांच शुरू
करीब दो घंटे की पड़ताल, निरीक्षण के बाद सीबीआई टीम ने स्थानीय अफसरों को जांच की एक नई दिशा दी है। सूत्रों की मानें तो प्रथम दृष्टया सीबीआई टीम ने इसे लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से पहले बड़ा हादसा करने की कोशिश माना है। इस काम को कम से कम चार लोगों के द्वारा अंजाम दिए जाने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि स्लीपिंग माड्यूल के जरिए किसी आतंकी संगठन की ओर से ऐसा किया गया होगा। इस घटना को इससे पहले हुई घटनाओं और करीब डेढ़ साल पहले रायबरेली-लखनऊ रूट पर निगोहा के पास हाईटेंशन लाइन का खंबा काटने की कोशिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सीबीआई टीम ने स्थानीय जांच अधिकारियों को घटनास्थल के आसपास लगे मोबाइल टावरों का डाटा फिल्टरेशन करने, आसपास बसी झुग्गियों में बाहर से आकर बसे लोगों की पड़ताल करने, ब्लेड के मार्क से उनके बिकने वाली जगह का पता लगाने आदि के निर्देश दिए गए हैं।
 
विज्ञापन

केंद्र को भेजी जाएगी रिपोर्ट

कानपुर में पटरी काटने की सीबीआई जांच शुरू
इस मामले की जांच को फिलहाल सीबीआई को नहीं सौंपा गया है। केंद्र सरकार के घटनास्थल का मौका-मुआयना करने के निर्देश पर सीबीआई के एडिशनल एसपी आरएन मिश्रा, डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर अनिल कुमार, आरएसओ एसएन श्रीवास्तव और कैमरामैन अखिलेश त्रिपाठी की टीम मंधना आई। अब टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देगी। केंद्र के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी। गोरखपुर से आए रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त (सीएससी) राजाराम भी मौका-मुआयना करने मंधना पहुंचे। उन्होंने भी ट्रैक मैन, आरपीएफ अधिकारियों से मामले की जानकारी जुटाई।ट्रेन पलटाने की साजिश का मामला रेल मंत्री और रेल मंत्रालय तक पहुंचा था। इस मामले में रेल मंत्री सुरेश प्रमुख और रेल मंत्रालय ने रीट्विट किया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें