मीडिया से बात करते कुलदीप सिंह सेंगर
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इस हादसे के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ा तो दुष्कर्म पीड़िता से जुड़े सारे मामले दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट स्थानांतरित हो गए। सूत्रों की माने तो जिस ट्रक की टक्कर से कार सवार दुष्कर्म पीड़िता व उसका वकील घायल हुआ उसे कानपुर की ओरेक्स कंपनी ने फाइनेंस किया।
कंपनी के मैनेजर से सदर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले ट्रांसपोर्टर से कई बार वार्ता हुई थी। इसके साथ ही पीड़िता के चाचा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में शामिल विधायक के करीबी नवाबगंज के ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह समेत अन्य नामित लोगों से भी फोन पर वार्ता हुई।
दुष्कर्म पीड़िता की कार में टक्कर मारने वाला ट्रक
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कॉल डिटेल के आधार पर सीबीआई ने जब ट्रांसपोर्टर को लखनऊ बुलाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पास भी कई ट्रक हैं। जिन्हें कानपुर की ओरेक्स कपंनी ने फाइनेंस किया है। किस्त अदायगी के साथ अन्य फाइनेंस संबंधी मामलों में फाइनेंस कंपनी के मैनेजर से फोन पर बात हुई।
विधायक के करीबियों से हुई वार्ता के प्रश्न पर बताया कि वह मौरंग गिट्टी का भी काम करता है। जिन लोगों से फोन पर वार्ता हुई सभी को भवन निर्माण सामग्री सप्लाई की। संतोषजनक जवाब मिलने पर सीबीआई ने ट्रांसपोर्टर को जाने दिया।