उन्नाव कांड में जांच करने पहुंची सीबीआई की टीम
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उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने दुष्कर्म कांड से लेकर रायबरेली में हुए हादसे की गहनता से जांच शुरू कर दी है। सुराग तलाशने के लिए सीबीआई की टीमें लगातार छापा मार रही हैं। तिहाड़ जेल में बंद चाचा की ओर से जेल मेें उसके भाई की पिटाई के आरोपों को भी सीबीआई ने गंभीरता से लिया है।
सीबीआई उन्नाव जेल के अधिकारियों व उस समय सुरक्षा में तैनात रहे कर्मियों से दोबारा पूछताछ भी कर सकती है। विधायक व उसके करीबियों के यहां रविवार को छापा मारने की कार्रवाई से जेल कर्मियों में पूरे दिन सीबीआई के आने की दहशत देखी गई। 3 अप्रैल 2018 की रात विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह ने सहयोगियों की मदद से दुष्कर्म पीड़िता के पिता की बेरहमी से पिटाई की थी।
चाचा के बयान के बाद उसके भाई की मौत से जुड़े सुराग जुटा सकती है टीम
कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी (फाइल फोटो)
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विधायक के भाई पर कार्रवाई की जगह पुलिस ने उल्टे पीड़िता के पिता पर आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। 9 अप्रैल को उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। 28 जुलाई 2019 को रायबरेली के गुरुबख्शगंज में हुए हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत और पीड़िता व उसके वकील के घायल होने के मामले ने तूल पकड़ा तो इस घटना की भी जांच सीबीआई को दी गई।
सीबीआई ने कुछ दिन पहले रायबरेली जेल में बंद दुष्कर्म पीड़िता के चाचा से पूछताछ की थी। सूत्रों की माने तो चाचा ने भाई की पिटाई से संबंधित मामले में सीबीआई को बताया कि उसके भाई की जेल में भी पिटाई की गई थी। चाचा को आरोपों को सीबीआई ने गंभीरता से लिया है। चर्चा है कि दुष्कर्म मामले में एक बार फिर सीबीआई जेल के अधिकारियों से पूूछताछ कर सकती है।
जेल के अधिकारियों व कर्मियों से सीबीआई कर सकती है पूछताछ
कुलदीप सिंह सेंगर
तब जेल अधिकारियों ने दिया था यह बयान
दुष्कर्म पीड़िता की न्यायिक अभिरक्षा में मौत के मामले में जेल के अधिकारियों ने सीबीआई को घटना के बाद बयान दिया था कि बंदी की हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग को दो बार पत्र लिखकर सूचना दी लेकिन जिला अस्पताल से डॉक्टर भेजने में देर की गई। पहली चिट्ठी 5 अप्रैल 2018 को लिखी गई थी।
तब 6 अप्रैल 2018 को अस्पताल के डॉक्टरों ने पिता की जांच की थी। 7 अप्रैल 2018 को बंदी को अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचों के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जहां जांच रिपोर्ट सामान्य बताकर उसे फिर जेल भेज दिया गया था। 8 अप्रैल की रात हालत बिगड़ने पर उसे फिर जिला अस्पताल भेज गया जहां इलाज के दौरान 9 अप्रैल की सुबह उसकी मौत हो गई।