रायबरेली में हुए उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार दुर्घटना के मामले में ट्रक मालिक व उनसे जुड़े लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं। लखनऊ से आई सीबीआई की एक टीम मंगलवार को अचानक शहर कोतवाली पहुंची। टीम ने पहले से कुछ लोगों को बुला रखा था। कुछ लोग नहीं पहुंच सके।
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कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
करीब छह घंटे तक कोतवाली में टीम रुकी। एक टीम जिले से बांदा के लिए भी रवाना हुई है। रायबरेली में करीब एक माह पहले उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार में ट्रक ने टक्कर मार दी थी। ट्रक प्रसपा नेता नंदू पाल के भाई देवेंद्र किशोर पाल का था। ललौली थाने के ओती गांव के मजरा खाबर निवासी आशीष ट्रक चालक और बांदा का मोहन खलासी था।
मीडिया से बात करते कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : amar ujala
चालक व खलासी जेल में निरुद्घ हैं। मामले में ट्रक मालिक व उनसे जुड़े कई लोगों से सीबीआई लगातार पूछताछ कर रही है। ट्रक मालिक का लखनऊ सीबीआई कार्यालय में आना जाना बरकरार है। ट्रक चालक आशीष के मोबाइल नंबर से हादसे के दिन कई लोगों से बातचीत हुई थी।
बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
सीबीआई ने उन लोगों को मंगलवार सुबह कोतवाली बुलाया। सीबीआई के सामने ललौली, बरौहा, समसपुर, ओती गांव से चार लोग पहुंचे। उनकी ट्रक चालक से क्या बातचीत हुई थी, इसके बारे में पूछा गया। टीम शाम चार बजे तक मौजूद रही। एक टीम बांदा को रवाना हुई।
खलासी से मोबाइल पर बातचीत करने वालों से पूछताछ वहां करने का अंदाजा लगाया जा रहा है। ट्रक मालिक देवेंद्र किशोर ने बताया कि सीबीआई ने मंगलवार को उन्हें नहीं बुलाया। उन्हें लखनऊ कार्यालय में सीबीआई ने बुधवार को बुलाया है। कोतवाल जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि टीम कुछ लोगों से पूछताछ के बाद लौट गई है।