मध्यप्रदेश में हुए व्यापमं घोटाले के आरोपी को सीबीआई ने उसके गांव से दबोच लिया। करीब दस दिन से सीबीआई टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्र में डेरा डाले थी। इंदरगढ़ थाने में करीब दो घंटे तक पूछताछ के बाद सीबीआई टीम कड़ी सुरक्षा में उसे भोपाल लेकर रवाना हो गई।
वर्ष 2004 से 2008 तक मध्यप्रदेश में मध्यप्रदेश प्रोफेशनल परीक्षा भर्ती मंडल (एमपीपीइबी) व्यापमं घोटाला हुआ था। 2012 में घोटाले का खुलासा हुआ था। परीक्षाओं और भर्ती के नाम पर अरबों का घोटाला हुआ था।
जिसमें सीबीआई और स्पेशल टास्क फोर्स ने 850 दर्ज मुकदमों की जांच शुरू की थी, जिसमें इंदरगढ़ थाना के गांव मिड़हीपुरवा निवासी जितेंद्र कनौजिया पुत्र श्रीकृष्ण का नाम भी सामने आया था। 2013 से सीबीआई जितेंद्र कनौजिया की तलाश में छापा मारी कर रही थी।
रविवार को सीबीआई निरीक्षक अमित पांडेय के नेतृत्व में एसआई अतुल कुमार शर्मा, आलोक कुमार ने दोपहर 12 बजे जितेंद्र कनौजिया को उसके गांव से उस समय दबोच लिया, जब वह कार से कहीं जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को इंदरगढ़ थाने ले आई। जहां करीब दो घंटे तक पूछताछ की।
इसके बाद स्थानीय पुलिस के साथ इनोवा कार से जितेंद्र को भोपाल ले गए। सीबीआई निरीक्षक ने बताया कि आरोपी जितेंद्र कनौजिया की तलाश में अब तक करीब आठ बार छापेमारी की गई थी। दस दिन से टीम उसकी निगरानी कर रही थी। मौका मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीआई की पकड़ से आरोपी को छुड़ाने का प्रयास
मध्यप्रदेश से सादे कपड़ों में आई सीबीआई टीम ने इस बार थाना पुलिस को भी सूचना नहीं दी थी। गांव के अंदर टीम ने जितेंद्र कनौजिया को दबोच लिया। सादे कपड़ों में टीम को ग्रामीण अपहरणकर्ता समझ बैठे और आरोपी को छुड़ाने का प्रयास करने लगे। तभी सीबीआई टीम के सदस्यों ने गले में आईकार्ड पहन लिए। जिनमें सीबीआई लिखा देखते ही ग्रामीण इधर-उधर हो गए।