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यूपी: सीएम योगी के आदेश के बाद भी मर रहे गोवंश, अब इटावा में प्रधान पर रिपोर्ट सचिव निलंबित

Tue, 13 Aug 2019 08:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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धूप में खड़े भूखे प्यासे गोवंश - फोटो : अमर उजाला
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इटावा की अहेरीपुर गोशाला में चार गोवंशों की मौत के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को जिम्मेदार माना है। प्रधान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि सचिव को निलंबित कर दिया गया है। बीडीओ को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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गोशाला में गोवंश की मौत के मामले में पशु क्रूरता अधिनियम का पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। महेवा ब्लॉक की अहेरीपुर गोशाला में तीन दिनों में चार गोवंशों की मौत हो गई थी। दो कंकाल भी मिले थे। सोमवार को ग्रामीणों ने शव देखकर अधिकारियों को सूचना दी थी।
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गोशाला में कीचड़ होने से गोवंश बैठ तक नहीं पा रहे थे। कमजोर गोवंश कीचड़ में फंसे पड़े मिले थे। पशु चिकित्सक ने मौत का कारण भूख बताया था। गोशाला में चारा तक नहीं मिला था। पशु चिकित्सक और एसडीएम भरथना की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी जेबी सिंह ने प्रधान, पंचायत सचिव और बीडीओ को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस पर महेवा ब्लॉक के एडीओ पंचायत श्यामवरन सिंह ने अहेरीपुर गांव की प्रधान विलकीसा बेगम के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 धारा 11 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

मामले की जांच अहेरीपुर चौकी प्रभारी संतोष कुमार को सौंपी गई है। पंचायत सचिव हेमंत कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पिछले सप्ताह चार्ज लेने वाले बीडीओ सतीश पांडेय को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 
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