कानपुर। स्पेशल सीजेएम गगन भारती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के प्रयास पर सीएमएम विजय कुमार की कोर्ट में जीआरपी के दरोगा अशोक कुमार के खिलाफ आपराधिक वाद (मुकदमा) दर्ज कराया गया है। दरोगा ने विवेचना के दौरान भी कोर्ट के खिलाफ टिप्पणी की थी। स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने अदालत की अवमानना का यह मामला अगली कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट भेज दिया है। अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) इलाहाबाद और एसपी जीआरपी इलाहाबाद को पत्र लिखकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई और विभागीय जांच को लिखा गया है।
स्पेशल सीजेएम कोर्ट में राज्य सरकार बनाम सागर के खिलाफ जीआरपी थाने से चोरी का मुकदमा चल रहा है। इसकी विवेचना जीआरपी के दरोगा अशोक कुमार कर रहे हैं। अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने पर दरोगा कुर्की की कार्यवाही के लिए कोर्ट गए। वे कोर्ट में बिना अर्जी दिए वापस चले गए।
बाद में उन्होंने विवेचना के दौरान कोर्ट के बारे में टिप्पणी कर दी तो टिप्पणी वाला पर्चा कोर्ट ने दाखिल कर लिया। इस पर दारोगा कोतवाली पहुंचे और स्पेशल सीजेएम के खिलाफ सरकारी संपत्ति हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी दे दी। मामला संज्ञान में आने पर स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने पेशकार अशोक कुमार को दरोगा के खिलाफ आपराधिक वाद दर्ज कराने का आदेश दिया। पेशकार ने दरोगा के खिलाफ कोर्ट में झूठे साक्ष्य देने, न्यायिक कार्यवाही में विधि के प्रतिकूल लोक सेवक द्वारा रिपोर्ट देने और किसी व्यक्ति को दंड या समर्पण करने से बचाने का धृष्टता पूर्वक प्रयास करने में वाद दर्ज कराया है। सीएमएम कोर्ट ने वाद सुनवाई के लिए एसीएम की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने अवमानना की कार्यवाही अलग से करने के लिए मामला हाईकोर्ट भेजते हुए लिखा है कि कोर्ट की छवि धूमिल करने और रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने दरोगा के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही और विभागीय जांच के लिए अपर पुलिस महानिदेशक और एसपी जीआरपी इलाहाबाद को पत्र लिखा है।