बिकरू कांड में घायल हुए थे बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में चोरी की कार से चलने के मामले में बिठूर थाने के एक सिपाही पर निलंबन की गाज गिरी है। वहीं थानेदार का बचाव कर लिया गया है। फिलहाल सीओ की जांच जारी है। अगर जांच में एसओ दोषी पाए गए, तब उन पर कार्रवाई होगी।
मामले में शुरू से ही अफसर लीपापोती कर रहे हैं। बर्रा निवासी ओमेंद्र सोनी की दो साल पहले वैगनआर कार चोरी हो गई थी। बुधवार को पता चला कि कार की सर्विस कराई गई है। इसकी जानकारी सर्विस सेंटर ने ओमेंद्र को दी। तब खुलासा हुआ कि बिठूर पुलिस ने कार सर्विस के लिए भेजी थी।
खबर प्रकाशित होने पर डीआईजी ने सीओ कल्याणपुर को जांच सौंपी। इस बीच शनिवार को थाने स्तर की जांच में थानेदार कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने डीआईजी को रिपोर्ट भेज सिपाही विकास बघेल को दोषी बताया। उनका कहना है कि विकास ही कार का इस्तेमाल कर रहा था। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि सिपाही को निलंबित कर प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच सीओ कल्याणपुर कर रहे हैं।
इसलिए बचाए गए थानेदार
कार का इस्तेमाल पुलिस दो साल से कर रही थी। जब खुलासा हुआ तो कार को लावारिस में दाखिल किया गया। सूत्रों के मुताबिक जब आवास विकास चौकी के इंचार्ज कौशलेंद्र थे तब भी कार का इस्तेमाल करते थे। वहीं बिठूर में भी इस्तेमाल किया। पर, अफसरों ने उनको बचा लिया। ये इसलिए क्योंकि बिकरू कांड में कौशलेंद्र प्रताप को दो गोलियां लगी थीं। उनको प्रशस्ति पत्र भी मिला था। इसलिए उनको दोषी नहीं बनाया गया।