भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे को तमाचा मारने का मामला
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बांदा में भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद के बेटे जयप्रकाश को सिविल लाइन पुलिस चौकी पुलिस कर्मियों द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान जड़े गए तमाचे और उसके बाद चौकी और कोतवाली से लेकर पूरे जिले में भाजपाइयों द्वारा किए गए हंगामे और विरोध प्रदर्शन के तीन दिन बाद भाजपा नेताओं और प्रशासन व पुलिस के आला अफसरों ने इसे अफसोसजनक माना है।
साथ ही इस घटना से जुड़े छह पुलिस कर्मियों का दूसरे जिलों में तबादला करते हुए घटना की जांच महोबा के अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। आरोपी पुलिस कर्मियों पर गैर जिम्मेदाराना और गैर पेशेवर काम करना बताया गया है।
16 मार्च को हुई इस घटना के बाद पूरे दिन चले बवाल के बाद उसी दिन देर शाम तमाचा मारने के आरोपी सिविल लाइन चौकी के दोनों कांस्टेबलों राजेंद्र और विमलेश को निलंबित कर दिया गया था। चौकी प्रभारी प्रमोद सिंह को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया था। कोतवाली में भाजपाइयों को पीटने वाले दो पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की बात कही गई थी। इन सबके तीन दिन बाद भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद, विधायक प्रकाश द्विवेदी और पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने मंडलायुक्त गौरव दयाल के कैंप कार्यालय में आयुक्त और डीआईजी दीपक कुमार से मुलाकात की। दोनों आला अफसरों और भाजपा नेताओं ने घटना पर चर्चा की।
देर शाम डीआईजी की ओर से जारी प्रेस नोट में यह जानकारी दी गई। डीआईजी ने बताया कि 16 मार्च की घटना को अफसोसजनक माना गया। हालांकि जिलाधिकारी इसकी मजिस्ट्रेटी जांच करा रहे हैं। निष्पक्ष जांच के लिए महोबा के अपर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार को जांच सौंपी गई है। डीआईजी ने कहा है कि वीडियो फुटेज देखने से यह पता चला कि प्रथम दृष्टया पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों ने गैर जिम्मेदाराना तरीके से गैर पेशेवर कार्य किए। इसके आधार पर 6 पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। इन सभी का स्थानांतरण डीआईजी की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ने गैर जनपदों के लिए कर दिया है।