उन्नाव जिले के चकलवंशी में बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सहायता राशि न मिलने पर गुस्साए परिजनों ने कब्र खोदकर शव निकालने का प्रयास किया। जानकारी होने पर तुरंत थाना प्रभारी व लेखपाल मौके पर पहुंचे और जल्द मदद दिलाने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत किया।
माखी थाना क्षेत्र के एक गांव में 27 जनवरी को 10 वर्षीय बालिका का शव झाड़ी में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पिता की तहरीर पर पहले पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में मामले का खुलासा करते हुए नामजद चार लोगों में एक के भतीजे को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था।
परिजनों ने बालिका के शव का अंतिम संस्कार खेत में ही कर दिया था। पीड़ित पिता की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की थी। घटना के 23 दिन बाद भी किसी प्रकार की सरकारी सहायता राशि न मिलने से परिजन नाराज हो गए और शव खोदकर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
पिता का आरोप है कि एक सप्ताह बाद पुलिस ने बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी। तहसील प्रशासन ने मुआवजा, आवास व खेती के लिए पट्टा देने का आश्वासन दिया था पर कुछ नहीं मिला। कब्र खोदकर शव निकालने की सूचना पर थाना प्रभारी पवन कुमार सोनकर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
बात न बनने पर एसडीएम हसनगंज प्रदीप वर्मा को जानकारी दी। इसके बाद लेखपाल आकाश सिंह गांव पहुंचे। लेखपाल ने बताया कि मुआवजे के लिए 22 फरवरी को रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। कई बार फोन करने पर लेखपाल ने रिपोर्ट लगाई है। बाद में परिजन शांत हो गए।