परेशान करने के प्रोफेसर के केबिन में सीसीटीवी नहीं लगा है, लेकिन बाहर लगे हैं। उसकी फुटेज पुलिस ने कॉलेज प्रशासन से मांगी है। फुटेज में वह देखेंगे की छात्राएं कितनी देर में केबिन में जाती थी और कितनी देर बाद वापस आती थी। इसके अलावा इस मामले में अन्य शिक्षकों के भी बयान पुलिस दर्ज करेगी।
परीक्षा के बाद दर्ज होगा मजिस्ट्रेटी बयान
थाना प्रभारी ने बताया कि मौजूद समय में पीड़ित छात्राएं परीक्षा दे रही हैं। उनका कहना है कि परीक्षा के बाद वह कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराएंगी। पुलिस अब परीक्षा समाप्त होने का इंतजार कर रही है।
ये था है मामला
एचबीटीयू की एमबीए की छात्रा ने प्रोफेसरों पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। छात्रा का कहना है कि छेड़खानी का विरोध करने पर प्रोफेसरों ने परीक्षा में शामिल न देने की धमकी दी है। इसके बाद उनको शिक्षकों के विरोध में उतरना पड़ा। उन्होंने इसकी शिकायत वीसी प्रो. शमशेर से की है। वीसी का कहना है कि मामले की जांच करवाई जाएगी।
एचबीटीयू में पिछले साल से एमबीए का कोर्स शुरु हुआ है। लखीमपुर की रहने वाली पहले साल की छात्रा का कहना है कि एमबीए विभागाध्यक्ष लगातार मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। क्लास में न आने पर अभद्रता करते हैं। कुछ भी कहो, तो केबिन में आकर मिलने की बात कहते हैं। उसका कहना है कि कई छात्राएं मानसिक प्रताड़ना से बेहोश तक हो चुकी है।
बता दें कि नवाबगंज पुलिस ने छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में गुरुवार को प्रोफेसर विनोद यादव को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी की खबर सुनते ही एचबीटीयू के कई प्रोफेसर नवाबगंज थाने पहुंचे और एसीपी स्वरूप नगर से मुलाकात की। स्वरूप नगर एसीपी वृज नारायण सिंह ने बताया कि छात्रा की शिकायत पर आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।