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हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने का मामला: नारायण सिंह भाजपा से निष्कासित, पुलिस पर किया था हमला

Fri, 04 Jun 2021 04:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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नारायण सिंह भदौरिया - फोटो : अमर उजाला
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हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पुलिस पर हमला कर हिरासत से छुड़ाने के आरोपी भाजपा के जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया को पार्टी ने पद से हटा दिया है। शुक्रवार को उनकी सदस्यता भी रद्द कर दी गई। दक्षिण जिला इकाई की अध्यक्ष डॉ. वीना आर्या ने यह कार्रवाई करते हुए मामले की जानकारी क्षेत्रीय अध्यक्ष को दे दी। वहीं पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह को उसके दो साथियों के साथ नोएडा से पुलिस ने हिरासत में लिया है और मनोज सिंह को कानपुर के नौबस्ता से गिरफ्तार किया है। 
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इस मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी की पहचान वीडियो फुटेज से हुई थी। अब तक एक भी नामजद आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

जेल भेजा गया आरोपी भी भाजपा नेता का समर्थक है। नौबस्ता स्थित आकर्षण गेस्ट हाउस में बुधवार दोपहर भाजपा के दक्षिण जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पार्टी में हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह भी शामिल था। इसी दौरान नौबस्ता पुलिस ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के विरोध में सैकड़ों भाजपाई आ गए और हंगामा कर मनोज को हिरासत से छुड़ा ले गए थे। इसके बाद पुलिस ने नारायण सिंह समेत नौ लोगों पर नामजद और आठ-दस अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया था। 
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डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि वीडियो और फोटो से एक आरोपी रणधीर सिंह तोमर को चिह्नित किया गया था। उसे गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। वो भाजपा नेता का समर्थक है। इसलिए पार्टी में शामिल था। डीसीपी के मुताबिक वीडियो में स्पष्ट है कि रणधीर हिस्ट्रीशीटर को फरार कराने में मदद कर रहा है। इसी आधार पर उसका नाम एफआईआर में जोड़ा गया। आरोपी खुद को पत्रकार बता रौब भी गांठता था। 

 

भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला
नारायण ने पुलिस पर लगाए आरोप
दोपहर में नारायण सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया। इसमें उसने कहा कि गेस्ट हाउस में पार्टी चल रही थी, तभी तीन-चार लोग एक लड़के (हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह) को उठा ले जा रहे थे। जानकारी पर वह वहां पहुंचा और विरोध किया। युवकों ने बताया कि वो पुलिसकर्मी हैं तो उनसे मैंने आईडी मांगी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने हिस्ट्रीशीटर पर पिस्टल तानी और जीप में डाल दिया। पुलिस अब इस वीडियो का पता लगा रही है कि यह कहां से जारी हुआ है।

अधिकतर आरोपी साथ में शहर से बाहर
बता दें कि पुलिस की पांच टीमें आरोपियों की तलाश में लगी थीं। क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया था। सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद भाजपा नेता समेत अन्य नामजद आरोपी शहर के बाहर चले गए थे। शुक्रवार को नारायण सिंह को उसके दो साथियों के साथ पुलिस ने नोएडा में धर दबोचा।
 
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पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला - फोटो : अमर उजाला
नारायण सिंह भदौरिया की सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने कोरोना काल में इतने लोगों को एक जगह पर इकट्ठा किया। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर को भगाने का मामला सामने आया। उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा कर उनकी सदस्यता भी रद्द कर दी गई है। अपराधी मनोज सिंह से भदौरिया के क्या रिश्ते हैं, इसे लेकर जांच बैठाई गई है। इस संबंध में क्षेत्रीय इकाई को भी जानकारी दे दी गई है।
डॉ. वीना आर्या जिलाध्यक्ष भाजपा दक्षिण

मेरा मनोज सिंह से कोई लेनादेना नहीं है। वह मेरे जन्मदिन की पार्टी में किसी के साथ आया था। कुछ लोग सादी वर्दी में बर्थडे पार्टी में आकर मनोज को ले जा रहे थे, उस दौरान मुझे यह नहीं पता था कि वे पुलिस वाले हैं। इसलिए मैंने उन्हें रोककर पूछने की कोशिश की कि वह कौन लोग हैं। इस पर सादी वर्दी वाले लोगों ने मनोज पर रिवाल्वर सटा दी, जिससे वहां मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
नारायण सिंह भदौरिया, भाजपा नेता

ये नामजद आरोपी हैं फरार 
आदित्य दीक्षित, धीरू शर्मा, रॉबिन सक्सेना, राज बल्लभ पांडेय, विकास तिवारी, बाबा ठाकुर व अन्य अज्ञात। 

फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी की जाएगी। वीडियो फुटेज व फोटो से अधिक से अधिक आरोपियों की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ महिलाओं की भी पहचान हुई है। गिरोह पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी। 
असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर

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