हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने के मामले में फरार चल रहे धीरू शर्मा और बाबा ठाकुर ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। पुलिस उनका गैर जमानती वारंट जारी कराने की फिराक में थी, इससे पहले ही दो अन्य आरोपियों ने कोर्ट में समर्पण कर दिया।
कानपुर में नौबस्ता पुलिस पर हमलाकर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने के मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों धीरू शर्मा और बाबा ठाकुर ने मंगलवार को एसीएमएम प्रथम की अदालत में समर्पण कर दिया। कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई लेकिन कोर्ट ने दोनों की अर्जियां खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया।
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बताते चलें कि नौबस्ता स्थित आकर्षण गेस्ट हाउस में 2 जून की दोपहर भाजपा के पूर्व दक्षिण जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया का जन्मदिन समारोह मनाया जा रहा था। इसमें पार्टी नेताओं के साथ कई अधिवक्ता मौजूद थे। पार्टी में बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह भी पहुंचा था। जिसकी खबर पुलिस को लग गई।
नौबस्ता पुलिस ने दबिश देकर मनोज को गिरफ्तार कर लिया और जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगी। इसी बीच कुछ लोगों ने धक्का-मुक्की व मारपीट कर मनोज को वहां से भगा दिया था। नौबस्ता पुलिस ने नारायण सिंह समेत 9 नामजद व 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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अगले दिन मनोज सिंह को नौबस्ता से जबकि आरोपी नारायण भदौरिया, गोपाल चौहान व रॉकी यादव को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। तीनों को सेशन कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। बाकी आरोपी फरार चल रहे थे पुलिस उनका गैर जमानती वारंट जारी कराने की फिराक में थी, इससे पहले ही मंगलवार को दो अन्य आरोपियों ने कोर्ट में समर्पण कर दिया।