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धर्म बदलने का मामला: उमर की जिद से राजेश्वरी को बनना पड़ा रजिया बेगम, गांव छोड़ दिल्ली आने को हुई मजबूर

Wed, 23 Jun 2021 06:09 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

धर्मांतरण गिरोह का मास्टरमाइंड मौलाना उमर गौतम फतेहपुर जिले के थरियांव थाना क्षेत्र के पंथुवा गांव रहने वाला है। उसने करीब 39 वर्ष पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान मुस्लिम धर्म अपना लिया था।
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उमर गौतम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्याम प्रताप से उमर गौतम बनने के बाद पत्नी राजेश्वरी को रजिया बेगम बनना पड़ा। राजेश्वरी के माता-पिता व भाई कोई भी नहीं चाहता था कि उसकी घर की बेटी को मुस्लिम बनना पड़े। मुस्लिम धर्म न अपनाना पड़े उसके लिए राजेश्वरी अपने मायके खेसहन में रही।

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लेकिन करीब चार साल बाद राजेश्वरी डॉ. उमर की जिद के आगे बौनी पड़ गयी। अंत में उसको दिल्ली जाना पड़ा। श्याम के उमर गौतम बनने पर एक बार खेसहन गांव में पंचायत भी हुई। जिसमें श्याम के परिवार के लोग व राजेश्वरी के घर के लोग शामिल रहे।

पंचायत में सभी ने श्याम के फैसले को गलत बताया। यहां तक कि ससुराल के लोगों ने अपना व्यवसाय व नकदी रुपये देने की बात कही, लेकिन उमर ने दोबारा धर्म परिवर्तन करने से मना कर दिया। धर्मांतरण गिरोह का मास्टरमाइंड मौलाना उमर गौतम फतेहपुर जिले के थरियांव थाना क्षेत्र के पंथुवा गांव रहने वाला है।
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उसने करीब 39 वर्ष पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान मुस्लिम धर्म अपना लिया था। एटीएस की सूचना के बाद रात करीब नौ बजे थाना पुलिस ने उसके गांव पहुंचकर जानकारी जुटाई। पंथुआ गांव के मजरा रमवा गांव के स्व. धनराज सिंह गौतम का बेटा श्याम प्रताप सिंह ने करीब 35 साल पहले उसने पंतनगर यूनिवर्सिटी से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद विधि की पढ़ाई के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया। वहां पढ़ाई के दौरान श्याम प्रताप इस्लाम धर्म की तरफ आकर्षित हो गया। वर्ष 1982 में मुस्लिम धर्म अपना कर उसने अपना नाम मौलाना उमर गौतम रख लिया।

करीब डेढ़ साल पहले धनराज सिंह का निधन हो गया था। पिता के निधन की खबर पर मौलाना उमर गौतम गांव आया था। उनकी वेशभूषा देखकर गांव वाले भी दंग रह गए थे। इसके बाद उसे गांव में नहीं देखा गया।
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