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राज बन की दोस्ती, दुष्कर्म कर किया ब्लैकमेल, किशोरी बोली- कलावा बांधता था, इसलिए शक नहीं हुआ

Sat, 28 Nov 2020 11:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर
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कानपुर के काकादेव में एक किशोरी ने एक युवक पर धर्म छिपाकर दोस्ती करने व दुष्कर्म का आरोप लगा केस दर्ज कराया है। पुलिस ने पॉक्सो, दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर लिखकर जांच शुरू की है।
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काकादेव निवासी किशोरी ने इलाके में रहने वाले सनी पर कुछ समय पहले दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया था। फिर कुछ दिन बाद सनी पर चाकू मारने का आरोप लगाया था। दोनों मामले की विवेचना पुलिस कर रही है।

अब किशोरी ने उसके दोस्त गोलू खान पर दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता के मुताबिक सनी के जरिये वो गोलू को जानती थी। उसने अपना नाम राज बताया था। मगर उपनाम खान छिपा लिया था।
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उसको नहीं पता था कि गोलू मुस्लिम है। इसलिए उससे दोस्ती की। आरोप है कि गोलू ने उसका दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बना लिया। जब उसको हकीकत का पता चला तो उसने गोलू से दूरी बनाई। बाद में गोलू उसको बदनाम करने की धमकी दे ब्लैकमेल करने लगा। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सभी केसों की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
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कलावा बांधता था, इसलिए शक नहीं हुआ
पीड़िता ने बताया कि गोलू हमेशा हाथ में कलावा बांधता था। इसलिए कभी शक नहीं हुआ कि वो हिंदू नहीं है। जब इसका पता चला तो पीड़िता दंग रही गई। इस बारे में जब आरोपी से कहा तो उसने उसको धमकी भी दी। एफआईआर में इसका जिक्र भी है।

कई वीडियो हुए वायरल
पीड़िता ने कार्रवाई न करने समेत तत्कालीन काकादेव इंस्पेक्टर केके दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत आईजी की थी। तब जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हुई थी। बाद में पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो बना कर वायरल किया था।

जिसमें पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया। इधर एक वीडियो गोलू ने वायरल किया जिसमें पीड़िता कहते सुनाई दे रही थी कि वो उसको फंसा देगी। वहीं एक वीडियो वो भी है जिसमें गोलू कलावा बांधे हुए है। एसपी ने बताया कि जांच में इन वीडियो को भी शामिल किया गया है।

पुलिस की जांच में ये है दावा
पहले केस की जांच में पुलिस ने दावा किया था कि पीड़िता ने सनी का मोबाइल चोरी किया था। जब उसने ये बात पीड़िता से कही तो उसने आरोप लगाया। वहीं चाकू मारने वाली घटना में पुलिस का कहना था कि सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल नंबर की सीडीआर से आरोपी के मौके पर मौजूद न होने के साक्ष्य मिले थे। इसलिए पुलिस ने आरोपी को न भेज कर पहले जांच कर तथ्य जुटाने का प्रयास कर रही है।
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