आरोपी एल थॉमस अपनी पत्नी के साथ और जसराज
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अमेरिकी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड जसराज सिंह को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी। जिसकी अर्जी भी दाखिल कर दी है। रिमांड के दौरान पुलिस अफसर उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।
काकादेव के फर्जी कॉल सेंटर के अलावा एनसीआर के शहरों में पुलिस उसको ले जा सकती है। क्राइम ब्रांच साइबर ठगी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है। इसमें गिरोह का सरगना जसराज सिंह भी शामिल है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक तमाम जानकारियां अभी मिलना बाकी हैं। उसमें जसराज के पूरे खाते और नेटवर्क आदि की जानकारी शामिल है। गिरोह में और कौन कौन शामिल है उसका भी पता करना है। इसलिए पुलिस जसराज को रिमांड पर लेगी।
कितने कॉल सेंटर, अभी स्पष्ट नहीं
जब क्राइम ब्रांच ने कॉल सेंटर संचालक मुनेंद्र शर्मा को जेल भेजा था तब उसने पूछताछ में बताया था कि इसी तरह के एक दर्जन कॉल सेंटर देश भर में चल रहे हैं। ये सभी सेंटर जसराज ही चलवा रहा है। मगर जसराज ने गिरफ्तारी के दौरान ये बात नहीं कबूली थी।
रिमांड के दौरान इस बारे में क्राइम ब्रांच पूछताछ करेगी। वहीं ये भी पता चला है कि आरोपी ने दिल्ली के दो बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये खपाए हैं। अगर तथ्य मिलते हैं तो पुलिस इस प्रॉपर्टी पर भी कार्रवाई करेगी।