जसपुरा थाना क्षेत्र में मुकदमा शुरू न होने पर वादी ने आलाधिकारियों से फरियाद लगाई। इसके बाद सालभर तक चली जांच-पड़ताल के बाद भी अभिलेख नहीं मिले। एसआई ने । विश्वास हनन का मामला दर्ज कराया है।
बांदा जिले के जसपुरा थाना में दर्ज एक वाद के विवेचना अभिलेख 10 साल से गुम हैं। इसका खुलासा वादी की शिकायत पर हुआ। जांच-पड़ताल के बाद भी जब अभिलेखों का कोई पता नहीं चला, तो थाने के एसआई ने तत्कालीन पैरोकार के खिलाफ थाने में विश्वास हनन की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के राजेश्वर का वर्ष 2013 में गांव के तीन लोगों बड़े प्रजापति, छोटे प्रजापति और रामरतन प्रजापति से विवाद हुआ था। तीनों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज है। उसी साल तत्कालीन एसआई राजसजीवन ने वाद की विवेचना पूरी कर पर्यवेक्षण के लिए अभिलेख सीओ सदर कार्यालय भेजे थे।
यहां से तत्कालीन आरक्षी पैरोकार आरोप पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय लेकर गया। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले एसआई वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि न्यायालय से आरोपपत्र वर्ष 2013 में ही वापस कर दिया गया था। वजह कुछ बिंदुओं पर न्यायालय को आपत्ति थी।
आरोप पत्र अभिलेख न तो थाना में हैं और न ही सदर सीओ कार्यालय में मिले। मामले में तत्कालीन पैरोकार के खिलाफ विश्वास हनन की एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि मामले में संबंधित से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।