कानुपर के बिठूर में बीते दिनों कारोबारी के बेटे की कार पर हमलावरों ने पथराव के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि लुटेरों ने तमंचे से फायर झोंका था।
कानपुर में लगभग चार दिन पहले बैराज-बिठूर मार्ग पर कंस्ट्रक्शन कारोबारी पीयूष अग्रवाल के बेटे प्रनित पर लुटेरों ने तमंचे से फायर झोंका था। कार में मिला निशान गोली लगने से ही बना था। इसकी पुष्टि मंगलवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट ने की है। अब केस में आर्म्स एक्ट सहित कई धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
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सिविल लाइंस निवासी प्रनित अग्रवाल गुरुवार रात एनआरआई सिटी के आउट हाउस से घर लौट रहे थे। तभी बिठूर-बैराज मार्ग पर शिवदीन पुरवा गांव के मोड़ के पास उन पर लुटेरों ने पथराव कर दिया था। कार न रोकने पर फायर भी झोंका था। गोली कार के पीछे वाले दरवाजे को छेदते हुई पार हो गई थी। वारदात के दूसरे दिन पुलिस ने शिवदीन पुरवा निवासी चार आरोपियों सुभाष गौतम, अमित गौतम, हरिओम निषाद व एक किशोर को लूट के इरादे से जानलेवा हमले के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तमंचा व कारतूस बरामद कर लिया था। फोरेंसिक की शुरुआती जांच में खोखा या कारतूस न मिलने से गोली चलने की पुष्टि नहीं हो सकी थी। वहीं, आरोपी भी पथराव से ही कार में निशान बनने की बात बोल रहे थे। बाद में फोरेंसिक टीम ने कार को पुलिस लाइन में लाकर जांच की, तो कार में 315 बोर के तमंचे से गोली चलने से निशान बनने की पुष्टि हुई है।