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कानपुर: दो भूखंडों के फर्जी फ्री होल्ड मामले में बर्खास्त लिपिक समेत सात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट

Tue, 27 Oct 2026 10:20 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

केडीए के विशेष कार्याधिकारी ने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज उपयोग करने की धारा में स्वरूपनगर थाने में दो प्राथमिकी दर्ज कराईं है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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केडीए के विशेष कार्याधिकारी जोन-3 सत शुक्ला ने जूही कलां योजना में 1250 वर्गगज के दो भूखंडों के फर्जी फ्री होल्ड और बिक्री के आरोप में स्वरूपनगर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई हैं। इनमें सात लोगों को आरोपी बनाया है। पहली प्राथमिकी में मुन्नी देवी (मूल आवंटी), उनके मुख्तारआम (पावर ऑफ अटार्नी) लवेश कुमार और केडीए के बर्खास्त लिपिक कंचन कुमार गुप्ता शामिल हैं।

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इसमें बताया कि 1967 में मुन्नी देवी के नाम आवंटित भूखंड का जून 2005 में फ्रीहोल्ड कराया गया। जुलाई 2010 में इसका 750 वर्गगज हिस्सा 15 लाख रुपये में अमितेश अंशवानी और निहाल को बेच दिया गया। प्राधिकरण ने फ्रीहोल्ड डीड और विक्रय विलेख निरस्त कराने के लिए सिविल वाद भी दाखिल किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद केडीए ने अमितेश से मूल अभिलेख मांगे। अमितेश आवंटन पत्र, भुगतान रसीदें या लीज डीड प्रस्तुत नहीं कर सके। केडीए रिकॉर्ड में 1967 में 27,500 रुपये में आवंटन दर्ज है। मूल अभिलेखों की अनुपलब्धता के कारण फ्रीहोल्ड डीड की प्रामाणिकता संदिग्ध मानी गई।

दूसरी प्राथमिकी में तत्कालीन लिपिक कंचन कुमार गुप्ता, आनंद सिंह, रमेश चंद्र और मुख्तारआम (पावर ऑफ अटार्नी) तिलकराज आरोपी हैं। यह मामला जूही कलां योजना के ब्लॉक-डब्ल्यू स्थित 1250 वर्गगज के भूखंड संख्या-754 से जुड़ा है। इस भूखंड के आवंटन से संबंधित मूल अभिलेख भी प्राधिकरण के रिकॉर्ड में नहीं मिले। इसके बावजूद मार्च 2005 में रमेश चंद्र के पक्ष में फ्री होल्ड डीड पंजीकृत कराई गई।
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बताया गया कि प्राधिकरण के अभिलेखागार में इस भूखंड पर प्रेम नारायण बाजपेई का नाम दर्ज मिला था। रमेश चंद्र के पक्ष में आवंटन का कोई रिकॉर्ड नहीं था। इसके बाद सितंबर 2005 में मुख्तारआम तिलकराज ने पूरा भूखंड सरबजीत सिंह को बेच दिया। सरबजीत ने दिसंबर 2011 में भूखंड के आधे हिस्से डॉ. सुनीता सिंह और शेष हिस्से डॉ. अनिल कुमार सिंह को बेच दिए। स्वरूप नगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह के अनुसार, केडीए के विशेष कार्याधिकारी ने दो अलग-अलग मामलों में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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