कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बारासिरोही में स्थित रुद्र अस्पताल में भर्ती मरीज प्रांशु यादव उर्फ अंकित की रविवार रात मौत के बाद मारपीट, हंगामे और पथराव को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। कानपुर देहात के थाना शिवली के हरिकिशनपुर निवासी धर्मेंद्र ने अस्पताल संचालक नवनीत यादव, विपिन यादव, अतुल, अंशुल तिवारी, राजन दिवाकर, 30-35 अज्ञात समेत कुल 40 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
हरिकिशनपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार के अनुसार चचेरे भाई प्रांशू को 30 सितंबर की रात करीब नौ बजे मैंथा के पास बाइक हादसे में घायल होने के बाद रुद्राअस्पताल में भर्ती कराया गया था। छह दिन के इलाज के दौरान अस्पताल की ओर से 6.70 लाख रुपये मांगे गए, जिसमें परिजनों ने छह लाख रुपये जमा किए। आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर रकम जमा कराने के बावजूद ऑपरेशन नहीं किया गया और इलाज में लापरवाही बरती गई। चार अक्तूबर की रात करीब आठ बजे प्रांशू की मौत हो गई।
आरोप है कि मौत के बाद परिजन मेडिकल फाइल और दवाओं के कागजात लेने पहुंचे तो अस्पताल के लोगों ने फाइल छीनने का प्रयास किया। विरोध पर नामजद आरोपियों समेत 10-15 लोगों ने जमकर मारपीट की और पथराव कर दिया। इसमें बलवान सिंह की आंख में चोट लगी, अंकित की उंगली फ्रैक्चर हो गई और अमित के सिर में गंभीर चोट आई। परिजन ने परिवार की महिलाओं से भी अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि घायलों का कल्याणपुर सीएचसी में मेडिकल कराया जा रहा था, तभी 30-35 लोग वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने आरोपियों पर समझौते का दबाव भी बनाने का प्रयास किया। सीएचसी के कैमरों की फुटेज में घटना कैद होने की बात कही गई है। कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने बताया कि अस्पताल संचालक और चार नामजद व 35 अज्ञात समेत कुल 40 लोगों के प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।